UP : भगवान श्रीकृष्ण की पावन क्रीड़ास्थली ब्रजभूमि को मांस और मदिरा मुक्त बनाने के लिए एक बड़ी पदयात्रा शुरू हुई है। यह यात्रा वृंदावन से शुरू होकर लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास तक जाएगी। इस मुहिम के तहत अब तक 21,000 लोगों
UP : भगवान श्रीकृष्ण की पावन क्रीड़ास्थली ब्रजभूमि को मांस और मदिरा मुक्त बनाने के लिए एक बड़ी पदयात्रा शुरू हुई है। यह यात्रा वृंदावन से शुरू होकर लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास तक जाएगी। इस मुहिम के तहत अब तक 21,000 लोगों के हस्ताक्षर एकत्र किए गए हैं ताकि ब्रज क्षेत्र की पवित्रता को पूरी तरह सुरक्षित रखा जा सके।
पदयात्रा का उद्देश्य और मुख्य नेतृत्व कौन कर रहा है?
इस पदयात्रा का नेतृत्व जग भाई बाबा और उनकी पूरी टीम कर रही है। यात्रियों का मुख्य लक्ष्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लखनऊ में मुलाकात करना और उन्हें अपनी मांग सौंपना है। 3 मई 2026 को जब यह यात्रा सादाबाद पहुंची, तो गौ सेवक जतिन सारस्वत ने टीम का स्वागत किया और इस मुहिम को अपना पूरा समर्थन दिया। वृंदावन के कई संतों और कथावाचकों से भी मुख्यमंत्री से अपील करने का अनुरोध किया जा रहा है।
सरकार के मौजूदा नियम और कोर्ट का क्या फैसला है?
उत्तर प्रदेश सरकार ने 10 सितंबर 2021 को ही मथुरा और वृंदावन के 10 किलोमीटर के दायरे को तीर्थस्थल घोषित कर दिया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 31 अगस्त 2021 को घोषणा की थी कि वृंदावन, गोवर्धन, नंदगांव, बरसाना, गोकुल, महावन और बलदेव में मांस और शराब की बिक्री बंद होगी। इस फैसले के तहत मथुरा-वृंदावन के 22 वार्ड शामिल हैं। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 19 अप्रैल 2022 को इस प्रतिबंध को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया था।
संतों और विशेषज्ञों की इस पर क्या राय है?
श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने 16 जनवरी 2026 को वृंदावन जैसे पवित्र स्थानों पर मांस-मदिरा प्रतिबंध की वकालत करते हुए प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की थी। वहीं, श्री प्रेमानंद जी महाराज ने 6 मई 2026 को इस पहल का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि केवल दुकानें बंद करना काफी नहीं है, बल्कि लोगों की मानसिकता बदलना ज्यादा जरूरी है, हालांकि उन्होंने ब्रजभूमि को मांस-शराब मुक्त बनाने की इच्छा को स्वीकार किया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ब्रजभूमि में मांस और शराब पर प्रतिबंध कब लगा था?
उत्तर प्रदेश सरकार ने 10 सितंबर 2021 को मथुरा और वृंदावन के 10 किलोमीटर के दायरे को तीर्थस्थल घोषित कर मांस और शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया था।
पदयात्रा का मुख्य लक्ष्य क्या है?
इस पदयात्रा का लक्ष्य 21,000 हस्ताक्षरों के साथ लखनऊ पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलना और ब्रजभूमि को पूरी तरह मांस-मदिरा मुक्त घोषित करने की मांग करना है।