UP और Uttarakhand में अब नीलाम होंगी शत्रु संपत्तियां, गृह मंत्रालय ने किराए और लीज पर रोक लगाने के दिए निर्देश
UP/Uttarakhand: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में मौजूद शत्रु संपत्तियों (Enemy Properties) को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। अब इन संपत्तियों को न तो किराए पर दिया जाएगा और न ही लीज पर। सरकार ने साफ कर
UP/Uttarakhand: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में मौजूद शत्रु संपत्तियों (Enemy Properties) को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। अब इन संपत्तियों को न तो किराए पर दिया जाएगा और न ही लीज पर। सरकार ने साफ कर दिया है कि पुरानी लीज का नवीनीकरण भी नहीं किया जाएगा और अनुबंध खत्म होते ही इन संपत्तियों को कब्जे में लेकर नीलाम कर दिया जाएगा।
गृह मंत्रालय के इस आदेश के बाद लखनऊ स्थित अभिरक्षा कार्यालय (Custodian of Enemy Property for India – CEPI) ने संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों (DM) को पत्र लिखकर जरूरी कार्रवाई करने को कहा है। यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि कई बेशकीमती संपत्तियां बहुत ही कम किराए पर चल रही थीं। उदाहरण के तौर पर, लखनऊ के हजरतगंज स्थित हलवासिया मार्केट की 10 हजार वर्गमीटर की प्रॉपर्टी का किराया महज 700 रुपये महीना था।
इन संपत्तियों के निस्तारण की पूरी प्रक्रिया शत्रु संपत्ति अधिनियम 1968 और 2015, 2018 व 2020 के नियमों के तहत होगी। संपत्तियों की कीमत तय करने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक कमेटी बनेगी। अगर किसी संपत्ति की कीमत एक करोड़ रुपये से ज्यादा है, तो उसका बाजार मूल्यांकन सरकारी लिस्टेड वैल्यूअर्स से कराया जाएगा।
| विवरण | नियम और कार्रवाई |
|---|---|
| किराया और लीज | पूरी तरह बंद, रिन्यूअल नहीं होगा |
| अवैध कब्जा | 15 दिन में खाली करने का नोटिस, फिर बेदखली |
| नीलामी प्रक्रिया | ई-नीलामी के जरिए बिक्री |
| बोली न मिलने पर | 3 बार बोली न आने पर रिजर्व प्राइस में 10% की कमी |
| कुल संपत्तियां | UP और उत्तराखंड में करीब 5600 संपत्तियां |
हालांकि, इस फैसले को जमीन पर लागू करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 60 प्रतिशत से ज्यादा शत्रु संपत्तियों पर अवैध कब्जा है। कई किरायेदार और कब्जाधारी पहले ही अदालतों का दरवाजा खटखटा चुके हैं, जिससे इन संपत्तियों को खाली कराने में कानूनी पेच फंस सकते हैं।