UP : दिल्ली में UPSC की तैयारी कर रही जौनपुर की एक छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। मुख्य आरोपी शिवम यादव और उसके साथी शनि ने लखनऊ की CGM कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया है। दोनों आरोपि
UP : दिल्ली में UPSC की तैयारी कर रही जौनपुर की एक छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। मुख्य आरोपी शिवम यादव और उसके साथी शनि ने लखनऊ की CGM कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया है। दोनों आरोपियों पर पुलिस ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
क्या है पूरा मामला और कैसे हुई घटना
पीड़िता जौनपुर की रहने वाली है और दिल्ली में पढ़ाई कर रही थी। आरोप है कि 15 मई 2026 को दिल्ली जाते समय शिवम यादव ने अपने साथी शनि के साथ मिलकर उसे लखनऊ के चारबाग स्टेशन पर उतार लिया। इसके बाद आरोपी उसे सुशांत गोल्फ सिटी स्थित अपने कमरे पर ले गए, जहां उसे नशीला पदार्थ पिलाकर तीन दिनों तक बंधक बनाया गया और सामूहिक दुष्कर्म किया गया। घटना के बाद आरोपी उसे दिल्ली छोड़कर फरार हो गए थे।
पुलिस जांच में क्या विरोधाभास सामने आए
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पीड़िता के बयानों में कुछ बातें मेल नहीं खा रही हैं। जांच में पता चला है कि घटना के बाद दिल्ली जाते समय पीड़िता ने मुख्य आरोपी शिवम यादव से करीब चार घंटे तक मैसेज पर बात की थी। साथ ही उसका मोबाइल डेटा भी डिलीट पाया गया है, जिससे पुलिस को शक है कि वह शिवम को बचाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, पीड़िता के पिता लगातार आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
आरोपियों की गिरफ्तारी और पुलिस की अगली कार्रवाई
गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपियों ने करीब 18 सिम कार्ड बदले थे, जिसकी वजह से पुलिस की कई टीमें उनकी तलाश में जुटी थीं। अब कोर्ट में सरेंडर के बाद पुलिस उनकी रिमांड लेने की तैयारी कर रही है ताकि घटना के दिन पहने गए कपड़ों और अन्य सबूतों को बरामद किया जा सके। इस मामले में एक तीसरा आरोपी अब भी फरार है, जिसकी पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
आरोपियों ने कहां सरेंडर किया और उन पर कितना इनाम था
मुख्य आरोपी शिवम यादव और शनि ने लखनऊ की CGM कोर्ट में आत्मसमर्पण किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
इस मामले में पुलिस को जांच के दौरान क्या संदिग्ध बातें मिलीं
पुलिस को पता चला है कि पीड़िता ने घटना के बाद मुख्य आरोपी से 4 घंटे मैसेज पर बात की थी और उसका मोबाइल डेटा डिलीट था, जिससे बयानों में विरोधाभास दिख रहा है।