UP : उत्तर प्रदेश में डीजल की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की जेब पर असर डालना शुरू कर दिया है। लखनऊ संयुक्त ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने माल ढुलाई के भाड़े में 15 फीसदी तक की बढ़ोतरी कर दी है। यह नई दरें सोमवार, 19 मई 2026 से लाग
UP : उत्तर प्रदेश में डीजल की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की जेब पर असर डालना शुरू कर दिया है। लखनऊ संयुक्त ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने माल ढुलाई के भाड़े में 15 फीसदी तक की बढ़ोतरी कर दी है। यह नई दरें सोमवार, 19 मई 2026 से लागू हो गई हैं, जिससे अब बाजार में जरूरी सामानों के दाम बढ़ सकते हैं।
भाड़ा बढ़ने से किन चीजों के दाम बढ़ेंगे?
ट्रकों का भाड़ा बढ़ने का सीधा असर रसोई और घर के बजट पर पड़ेगा। फल, सब्जियां और किराना सामान के साथ-साथ ईंट, सरिया और सीमेंट जैसी कंस्ट्रक्शन सामग्री भी महंगी होगी। कानपुर, गाजियाबाद और नोएडा जैसे औद्योगिक शहरों से होने वाली सप्लाई पर इसका ज्यादा असर पड़ेगा। मंडियों में थोक दाम 5% तक बढ़ चुके हैं और फुटकर बाजार में 8-10% की बढ़ोतरी देखी जा रही है।
राशन और सब्जियों की कीमतों में कितनी बढ़ोतरी हुई?
| सामान |
अनुमानित बढ़ोतरी |
| चावल |
50 पैसे प्रति किलो |
| अरहर दाल |
1 रुपये प्रति किलो |
| सब्जियां (फुटकर) |
8 से 10 फीसदी |
| सब्जियां (थोक) |
5 फीसदी |
ट्रांसपोर्टरों ने भाड़ा क्यों बढ़ाया?
ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष हरप्रीत सिंह भाटिया और अन्य अधिकारियों का कहना है कि डीजल की कीमतें एक हफ्ते में दो बार बढ़ी हैं, जिससे प्रति लीटर 3 रुपये से ज्यादा का इजाफा हुआ है। कोरोना काल के बाद यह पहली बार है जब भाड़े में वृद्धि की गई है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि टोल, टायर, बीमा और फिटनेस शुल्क बढ़ने से उनका मुनाफा खत्म हो गया था। उन्होंने सरकार से टोल टैक्स माफ करने और फिटनेस प्रक्रिया में भ्रष्टाचार रोकने की मांग की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
UP में ट्रकों का भाड़ा कितना बढ़ा है और कब से लागू हुआ?
उत्तर प्रदेश में ट्रकों का भाड़ा 15% तक बढ़ा दिया गया है। यह नई दरें सोमवार, 19 मई 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं।
भाड़ा बढ़ने का मुख्य कारण क्या है?
डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी मुख्य कारण है। एक हफ्ते में डीजल के दाम दो बार बढ़े हैं, जिससे ट्रांसपोर्टरों की लागत बढ़ गई है।