UP में परिवहन विभाग के कर्मचारियों ने नए ऑटो-अप्रूवल सिस्टम का किया विरोध, लखनऊ में हुई बड़ी बैठक

Lucknow: उत्तर प्रदेश के परिवहन विभाग में कामकाज को पूरी तरह ऑनलाइन और फेसलेस बनाने की तैयारी चल रही है, लेकिन इस नई व्यवस्था ने कर्मचारियों की चिंता बढ़ा दी है। रविवार को लखनऊ के सरोजनी नगर स्थित ट्रांसपोर्ट नगर आरटीओ क

Lucknow: उत्तर प्रदेश के परिवहन विभाग में कामकाज को पूरी तरह ऑनलाइन और फेसलेस बनाने की तैयारी चल रही है, लेकिन इस नई व्यवस्था ने कर्मचारियों की चिंता बढ़ा दी है। रविवार को लखनऊ के सरोजनी नगर स्थित ट्रांसपोर्ट नगर आरटीओ कार्यालय में उत्तर प्रदेश संभागीय परिवहन कर्मचारी संघ की एक प्रदेश स्तरीय बैठक हुई। इस बैठक में कर्मचारियों ने सरकार के ‘ऑटो-अप्रूवल’ सिस्टम का कड़ा विरोध किया और अपनी मांगें रखीं।

कर्मचारियों का कहना है कि सरकार 10 जुलाई 2026 के आदेश के जरिए सभी सेवाओं को समयबद्ध और पूरी तरह ऑनलाइन करना चाहती है। संघ के प्रांतीय सचिव पवन त्रिपाठी ने बताया कि इस सिस्टम से भविष्य में कानूनी और प्रशासनिक दिक्कतें आ सकती हैं और विभाग के राजस्व का भी नुकसान हो सकता है। कर्मचारियों ने साफ किया कि वे डिजिटल सिस्टम के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन अगर इस काम में प्राइवेट कंपनियों को शामिल किया जाता है, तो उनकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उनका कहना है कि ऐसा न हो कि ‘करे कोई और भरे कोई’ वाली स्थिति बन जाए।

कर्मचारी संघ की मांग है कि मोटर व्हीकल एक्ट के मुताबिक ऑनलाइन वेरिफिकेशन और अप्रूवल का अधिकार आरटीओ ऑफिस के पास ही रहना चाहिए। अगर यह अधिकार हटाया जाता है, तो डीलरों को ही कोर्ट में जांच अधिकारियों को जानकारी देने के लिए अधिकृत किया जाना चाहिए। इस बैठक में लखनऊ के अलावा वाराणसी, कानपुर, गोरखपुर, अयोध्या, गाजियाबाद, मेरठ और प्रयागराज समेत कई जिलों के कर्मचारी शामिल हुए। बैठक में संजय कुमार सिंह, आशुतोष तिवारी और पवन त्रिपाठी जैसे मुख्य पदाधिकारी मौजूद थे।

विरोध के साथ-साथ कर्मचारियों ने अपनी अन्य मांगें भी रखीं, जिनमें क्लर्क स्टाफ के लंबित एसीपी (ACP) मामलों का जल्द निपटारा और प्रमोशन के जरिए खाली पदों को भरना शामिल है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे बड़े आंदोलन और कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपनाएंगे। इस पूरे मामले पर सोमवार, 20 जुलाई 2026 को सरकारी स्तर पर एक बैठक होनी है, जिसमें ऑटो-अप्रूवल सिस्टम पर चर्चा की जाएगी।

बता दें कि परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन के मुताबिक डिजिटल इंडिया अभियान के तहत विभाग की 49 सेवाओं को पहले ही फेसलेस और कॉन्टैक्टलेस कर दिया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि वाहन ट्रांसफर और एनओसी (NOC) जैसी सेवाओं को भी ऑनलाइन लाया जाए ताकि आम जनता को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और काम तेजी से हो सके।