UP में यात्री सुरक्षा के लिए योगी सरकार का बड़ा फैसला, 30 दिन चलेगा बसों की विशेष जांच अभियान

UP/Lucknow: लखनऊ के अलीगंज में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद योगी सरकार ने यात्री सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने प्रदेशभर में चलने वाली बसों की सुरक्षा जांच के लिए एक विशेष अभियान शुरू कि

UP/Lucknow: लखनऊ के अलीगंज में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद योगी सरकार ने यात्री सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने प्रदेशभर में चलने वाली बसों की सुरक्षा जांच के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है। यह अभियान अगले 30 दिनों तक चलेगा ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके और यात्रियों का सफर सुरक्षित हो।

परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने सभी संभागीय और सहायक संभागीय परिवहन अधिकारियों को इस मुहिम को सख्ती से चलाने के निर्देश दिए हैं। यह विशेष जांच अभियान 23 जुलाई, 2026 तक जारी रहेगा। इस दौरान स्लीपर बसों, स्कूल बसों, स्टेज कैरिज और कॉन्ट्रैक्ट कैरिज बसों की गहन जांच की जाएगी। मुख्य रूप से यह देखा जाएगा कि बसों में अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguishers) मौजूद हैं या नहीं और वे सही तरीके से काम कर रहे हैं या उनकी समय सीमा समाप्त हो गई है।

प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जिन वाहनों में फायर एक्सटिंगुइशर नहीं मिलेंगे या वे खराब पाए जाएंगे, उन्हें फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं दिया जाएगा। जब तक बस मालिक इन कमियों को ठीक नहीं करेंगे, तब तक फिटनेस नहीं मिलेगी और साथ ही उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। स्लीपर बसों में इमरजेंसी एग्जिट, हैमर और बिजली की वायरिंग की भी बारीकी से जांच होगी। वहीं स्कूल बसों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा।

जांच का मुख्य बिंदु विवरण
अभियान की अवधि 23 जुलाई, 2026 तक
जांच वाले वाहन स्लीपर, स्कूल, स्टेज और कॉन्ट्रैक्ट कैरिज बसें
प्रमुख फोकस अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता और कार्यशीलता
दंडात्मक कार्रवाई फिटनेस सर्टिफिकेट रोकना और प्रवर्तन कार्रवाई
अतिरिक्त जांच इमरजेंसी एग्जिट, हैमर और इलेक्ट्रिकल वायरिंग
रिपोर्टिंग क्षेत्रीय अधिकारियों द्वारा मुख्यालय को विस्तृत रिपोर्ट भेजना

इस पूरे मामले में केवल परिवहन विभाग ही नहीं, बल्कि अन्य एजेंसियां भी सक्रिय हैं। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने अलीगंज इलाके में अवैध निर्माण और बिना अनुमति चल रहे कोचिंग सेंटरों पर कार्रवाई करते हुए 15 इमारतों को सील किया है। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे की जांच के लिए एक SIT गठित की है, जिसमें संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और ADG प्रवीण कुमार शामिल हैं। SIT को 7 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। बता दें कि 22 जून, 2026 को हुए इस अग्निकांड में 15 लोगों की जान गई थी, जिसके बाद सरकार ने चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है और बिल्डिंग मालिक की गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं।