UP में बसों की होगी सघन जांच, लखनऊ अग्निकांड के बाद परिवहन विभाग अलर्ट; बिना फायर सेफ्टी नहीं मिलेगा फिटनेस सर्टिफिकेट

UP: लखनऊ के अलीगंज में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इस हादसे में 15 लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद सरकार ने यात्री सुरक्षा को लेकर कड़े कदम उठाए हैं। अब पूरे प्रदेश

UP: लखनऊ के अलीगंज में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इस हादसे में 15 लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद सरकार ने यात्री सुरक्षा को लेकर कड़े कदम उठाए हैं। अब पूरे प्रदेश में बसों के भीतर फायर सेफ्टी उपकरणों की सघन जांच की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

परिवहन विभाग ने 25 जून 2026 से 23 जुलाई 2026 तक 30 दिनों का एक विशेष अभियान शुरू किया है। इस दौरान स्लीपर बसों, स्कूल बसों, स्टेज कैरिज और कॉन्ट्रैक्ट कैरिज बसों की बारीकी से जांच होगी। परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने सभी संभागीय और सहायक संभागीय परिवहन अधिकारियों (RTOs और ARTOs) को इस अभियान को सख्ती से चलाने के निर्देश दिए हैं।

नियमों के मुताबिक, जिन बसों में अग्निशमन यंत्र (fire extinguishers) नहीं मिलेंगे या वे खराब और एक्सपायर पाए जाएंगे, उन्हें फिटनेस प्रमाणपत्र जारी नहीं किया जाएगा। जब तक बस मालिक इन कमियों को दूर नहीं करेंगे, तब तक सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा और साथ ही सख्त कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश मिला है कि वे अग्निशमन यंत्रों की क्षमता, वैधता और उनके सही स्थान पर लगे होने की जांच करें।

परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने भी बसों में आग से बचाव के इंतजाम पुख्ता करने पर जोर दिया है। जांच के लिए प्रवर्तन अधिकारी बस अड्डों, टोल प्लाजा, प्रमुख रास्तों और जिला सीमाओं पर तैनात रहेंगे। स्लीपर बसों में केवल फायर सेफ्टी ही नहीं, बल्कि आपातकालीन निकास (emergency exit), हैमर और बिजली की वायरिंग की भी जांच की जाएगी। स्कूल बसों में भी सुरक्षा मानकों का पूरी तरह सत्यापन होगा। सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को इस पूरी कार्रवाई की रिपोर्ट परिवहन मुख्यालय भेजने को कहा गया है।