UP: उत्तर प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने अजान को लेकर एक बयान दिया था, जिससे लखनऊ में काफी विवाद खड़ा हो गया है। मुस्लिम धर्म गुरुओं ने इस बात पर नाराजगी जताई है कि मंत्री ने सुबह की अजान से नींद खराब होने की बात
UP: उत्तर प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने अजान को लेकर एक बयान दिया था, जिससे लखनऊ में काफी विवाद खड़ा हो गया है। मुस्लिम धर्म गुरुओं ने इस बात पर नाराजगी जताई है कि मंत्री ने सुबह की अजान से नींद खराब होने की बात कही। धर्म गुरुओं ने इसे आपत्तिजनक बताया और कहा कि इससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।
मंत्री जयवीर सिंह ने अपने बयान पर क्या स्पष्टीकरण दिया?
विवाद बढ़ने के बाद 18 मई, 2026 को मंत्री जयवीर सिंह ने अपनी बात साफ की। उन्होंने कहा कि सभी लोगों को अपने धर्म के रीति-रिवाजों को मानने का पूरा हक है, लेकिन इस दौरान दूसरों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि योगी सरकार ने किसी धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया है और सभी अपने धार्मिक कार्यों को नियमों के दायरे में रहकर कर सकते हैं।
लाउडस्पीकर और ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर क्या है सरकार का नियम?
मंत्री ने बताया कि सरकार ने धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर की आवाज को सीमित करने का फैसला लिया है। यह नियम हिंदू और मुस्लिम दोनों धर्मों के स्थलों पर एक समान लागू होता है। सरकार का मानना है कि इससे आम जनता को राहत मिली है और सड़कों पर होने वाले जुलूस या तेज आवाज से होने वाली परेशानी कम हुई है। उन्होंने साफ किया कि सरकार की नीति किसी खास धर्म के खिलाफ नहीं है।
राजनीतिक दलों की इस मुद्दे पर क्या प्रतिक्रिया है?
पर्यटन मंत्री के इस बयान को लेकर राजनीति भी गरमा गई है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने मंत्री जयवीर सिंह के बयान की कड़ी आलोचना की है। वहीं, मंत्री ने अपने बचाव में कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण नहीं होना चाहिए और नियमों का पालन करना जरूरी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मंत्री जयवीर सिंह के बयान पर विवाद क्यों हुआ?
मंत्री ने कहा था कि सुबह होने वाली अजान से नींद खराब होती है, जिसे लखनऊ के मुस्लिम धर्म गुरुओं ने धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला और आपत्तिजनक बताया।
लाउडस्पीकर के नियमों पर सरकार का क्या स्टैंड है?
सरकार ने सभी धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर की ध्वनि को सीमित करने का निर्णय लिया है, जो हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों पर समान रूप से लागू होता है।