UP में पुरानी पेंशन के लिए शिक्षकों का हल्लाबोल, 25 सितंबर को लखनऊ में होगी महारैली
Gorakhpur: गोरखपुर में पुरानी पेंशन बहाली और शिक्षा के निजीकरण के खिलाफ शिक्षक और कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है। अपनी मांगों को लेकर आंदोलन तेज करते हुए उन्होंने 25 सितंबर को लखनऊ में एक बड़ी महारैली करने का फैसला कि
Gorakhpur: गोरखपुर में पुरानी पेंशन बहाली और शिक्षा के निजीकरण के खिलाफ शिक्षक और कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है। अपनी मांगों को लेकर आंदोलन तेज करते हुए उन्होंने 25 सितंबर को लखनऊ में एक बड़ी महारैली करने का फैसला किया है। इस विरोध प्रदर्शन में पुरानी पेंशन के साथ-साथ टीईटी की अनिवार्यता खत्म करने जैसी मांगें भी शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) ने इस मुहिम को आगे बढ़ाते हुए 11 जुलाई से 31 जुलाई तक हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है। शिक्षकों को जागरूक करने के लिए 10 जुलाई से 15 अगस्त तक एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद 29 अगस्त को जिला मुख्यालयों पर ‘पेंशन तिरंगा यात्रा’ निकाली जाएगी। अगर सरकार ने इन मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो 25 सितंबर को लखनऊ में हजारों की संख्या में शिक्षक जुटेंगे।
नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (NMOPS) ने भी अपनी रणनीति तैयार कर ली है। संगठन ने 1 अगस्त को सभी जिला मुख्यालयों पर ‘रोष मार्च’ और 5 सितंबर यानी शिक्षक दिवस पर सामूहिक उपवास रखने की घोषणा की है। इसके अलावा 1 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अभियान चलाया जाएगा और 25 नवंबर को दिल्ली में एक रैली आयोजित होगी।
NMOPS के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु का कहना है कि सरकार संविधान और लोकतंत्र के मूल्यों को नजरअंदाज कर रही है और सरकारी संस्थानों का निजीकरण कर रही है, जिससे बच्चों की शिक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। वहीं, माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री भीष्म पाल सिंह ने कहा कि शिक्षकों की एकता ही उनकी ताकत है। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राजेश धर दूबे ने टीईटी योग्यता को पुराने शिक्षकों पर थोपना गलत बताया है।
गौरतलब है कि जुलाई 2024 में यूपी सरकार ने उन 60,000 कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का विकल्प दिया था, जिनकी नियुक्ति 28 मार्च 2005 से पहले विज्ञापित पदों पर हुई थी। हालांकि, आंदोलनकारी शिक्षक अब व्यापक स्तर पर पेंशन बहाली की मांग कर रहे हैं।