UP में समिट बिल्डिंग साइबर फ्रॉड मामला: 3 पुलिसकर्मी निलंबित और 6 लाइन हाजिर, हाईकोर्ट की सख्ती के बाद कार्रवाई
UP: समिट बिल्डिंग साइबर जालसाजी मामले में पुलिस विभाग के अंदर बड़ी कार्रवाई हुई है। तीन संदिग्ध आरोपियों को कथित तौर पर छोड़ने के आरोप में तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि छह अन्य को लाइन हाजिर किया गया
UP: समिट बिल्डिंग साइबर जालसाजी मामले में पुलिस विभाग के अंदर बड़ी कार्रवाई हुई है। तीन संदिग्ध आरोपियों को कथित तौर पर छोड़ने के आरोप में तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि छह अन्य को लाइन हाजिर किया गया है। यह पूरा एक्शन गोपनीय जांच और इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल एक रिट याचिका के बाद लिया गया है, जिसमें इन पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी।
ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर बबलू कुमार ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है। बताया गया है कि हाईकोर्ट ने इस मामले में आरोपियों को रिश्वत लेकर छोड़ने की खबरों पर कड़ा रुख अपनाया था। अब विभाग अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच कर रहा है और जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। साइबर अपराध के इस पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल हर स्तर के लोगों की जांच की जा रही है।
डीसीपी क्राइम किरण यादव के मुताबिक, इस साइबर क्राइम मामले में अब तक कुल 119 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डिजिटल सबूतों को जुटाने में लगी है। हाल ही में कोलकाता से मास्टरमाइंड विनीत शर्मा को उसकी प्रेमिका रिंकी दास गुप्ता और साथी जयराज नयकर के साथ पकड़ा गया है। इसके अलावा गुजरात से नितेशभाई पद्मशाली को भी गिरफ्तार किया गया है, जिसने इस पूरे खेल में ‘बैंकर’ की अहम भूमिका निभाई थी।
इस धोखाधड़ी का शिकार मुख्य रूप से अमेरिकी नागरिक हुए हैं। ठगों ने उन्हें फेक रिफंड, फर्जी कस्टमर सपोर्ट और डिजिटल अरेस्ट जैसे तरीकों से अपना शिकार बनाया था। जिस समिट बिल्डिंग में यह फर्जी कॉल सेंटर चल रहा था, उसकी मालकिन रुचि अग्रवाल को साइबर क्राइम पुलिस ने नोटिस भेजा है। उनसे बिल्डिंग के कागजात, रेंट एग्रीमेंट, किराएदार की जानकारी और पुलिस वेरिफिकेशन जैसे जरूरी दस्तावेज मांगे गए हैं।