UP: उत्तर प्रदेश के 26 जिलों में 13 और 14 मई को आए भीषण आंधी-तूफान और ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 111 से 117 लोगों की जान जा चुकी है और करीब 79 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। सबसे ज्यादा नुकस
UP: उत्तर प्रदेश के 26 जिलों में 13 और 14 मई को आए भीषण आंधी-तूफान और ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 111 से 117 लोगों की जान जा चुकी है और करीब 79 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। सबसे ज्यादा नुकसान प्रयागराज, मिर्जापुर और भदोही जैसे जिलों में हुआ है, जहां कई लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
राहत कार्यों और मुआवजे के लिए सरकार ने क्या आदेश दिए?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस त्रासदी पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने निर्देश दिया है कि मरने वालों के परिजनों को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता तुरंत दी जाए। प्रशासन को यह आदेश मिला है कि राहत राशि और जरूरी सामग्री 24 घंटे के भीतर प्रभावित परिवारों तक पहुंचनी चाहिए। सभी जिलाधिकारियों और मंडलायुक्तों को ग्राउंड जीरो पर जाकर नुकसान का जायजा लेने और हर 3 घंटे में शासन को रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।
किन जिलों में कितना नुकसान हुआ और क्या है ताज़ा स्थिति?
राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक, इस तूफान में 170 से ज्यादा पशु मारे गए हैं और करीब 330 कच्चे मकान और टीन शेड गिर गए हैं। प्रयागराज में 21-23, मिर्जापुर में 19 और भदोही में 16-18 लोगों की मौत दर्ज की गई है। इसके अलावा फतेहपुर, उन्नाव, बदायूं, बरेली और सीतापुर में भी काफी नुकसान हुआ है। रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने भी इस हादसे पर दुख जताया है।
अगले 48 घंटों के लिए मौसम विभाग की क्या चेतावनी है?
IMD ने आज 15 मई को भी यूपी के कई हिस्सों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। लखनऊ, कानपुर, बरेली और पूर्वांचल के इलाकों में 40-60 किमी की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि कुछ जगहों पर हवा की रफ्तार 130 किमी प्रति घंटा तक पहुंची थी, जो सामान्य से काफी ज्यादा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम में पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
तूफान से मरने वालों के परिवार को कितनी मदद मिलेगी?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार मृतक के परिजनों को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी, जिसे 24 घंटे के भीतर पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
यूपी के किन जिलों में सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं?
सबसे ज्यादा मौतें प्रयागराज (21-23), मिर्जापुर (19) और भदोही (16-18) जिलों में दर्ज की गई हैं।