UP में मुठभेड़ के बाद बिहार का कुख्यात अपराधी लल्लन सिंह ढेर, 1.25 लाख का था इनाम
Saharanpur/UP: उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए बिहार के कुख्यात अपराधी लल्लन सिंह को मुठभेड़ के बाद ढेर कर दिया है। यह कार्रवाई सहारनपुर जिले के सरसवा-नकुर रोड पर सोमवार, 22 जून
Saharanpur/UP: उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए बिहार के कुख्यात अपराधी लल्लन सिंह को मुठभेड़ के बाद ढेर कर दिया है। यह कार्रवाई सहारनपुर जिले के सरसवा-नकुर रोड पर सोमवार, 22 जून 2026 की सुबह हुई। लल्लन सिंह पर वाराणसी और चंदौली पुलिस की तरफ से कुल 1.25 लाख रुपये का इनाम रखा गया था।
एसटीएफ के सीनियर ऑफिसर अमिताभ यश ने बताया कि खुफिया जानकारी के आधार पर टीम ने लल्लन सिंह और उसके साथियों को घेरा था। इस दौरान बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में लल्लन सिंह गोली लगने से घायल हो गया, जिसे पहले सरसवा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और फिर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। मुठभेड़ के समय लल्लन सिंह का एक साथी मौके से भागने में कामयाब रहा, जिसकी तलाश के लिए पुलिस ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
इस ऑपरेशन का नेतृत्व एएसपी लाल प्रताप सिंह कर रहे थे। फायरिंग के दौरान दो गोलियां एएसपी लाल प्रताप सिंह और इंस्पेक्टर आदित्य कुमार सिंह की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगीं, जिससे वे बाल-बाल बचे। लल्लन सिंह बिहार के समस्तीपुर जिले के आनंदगोलवा गांव का रहने वाला था और पूर्वांचल समेत कई इलाकों में अपनी दहशत फैलाए हुए था।
लल्लन सिंह का आपराधिक इतिहास काफी लंबा रहा है। वह बिहार और यूपी में करीब 13 मामलों में वांछित था, जिसमें सात हत्याएं शामिल थीं। उसने वाराणसी में एक सब-इंस्पेक्टर की गोली मारकर उनकी सर्विस पिस्टल लूटी थी और चंदौली में भी लूट और फायरिंग की वारदातें की थीं। वह बैंक डकैती, कैश-वैन लूट और सरकारी हथियारों की चोरी जैसे गंभीर अपराधों में शामिल था।
पुलिस ने मौके से एक स्टेन गन, एक पिस्टल, 14 जिंदा कारतूस, एक बैग और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। बता दें कि चार साल पहले एक पुलिस मुठभेड़ में उसके दो भाई रजनीश उर्फ बाउआ सिंह और मनीष सिंह भी मारे गए थे, जबकि लल्लन वहां से भागने में सफल रहा था।