UP: उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटरों की जांच को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। लखनऊ स्थित मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (MVVNL) की लैब पर बिना लाइसेंस के मीटरों की चेकिंग करने का आरोप लगा है। उपभोक्ता पर
UP: उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटरों की जांच को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। लखनऊ स्थित मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (MVVNL) की लैब पर बिना लाइसेंस के मीटरों की चेकिंग करने का आरोप लगा है। उपभोक्ता परिषद की शिकायत के बाद अब राष्ट्रीय परीक्षण और अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (NABL) ने इस पूरे मामले की समीक्षा शुरू कर दी है।
क्या है पूरा विवाद और मुख्य आरोप
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने 15 मई, 2026 को NABL में शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप है कि MVVNL की लैब के पास स्मार्ट प्रीपेड मीटरों के परीक्षण के लिए जरूरी IS 16444 लाइसेंस नहीं है। नियमों के मुताबिक, भारत में स्मार्ट मीटरों की सप्लाई और जांच के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का प्रमाणन अनिवार्य होता है, जिसका उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है।
उपभोक्ता परिषद की मांग और MVVNL का पक्ष
उपभोक्ता परिषद ने इस मामले में उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) में एक जनहित याचिका भी दायर की है। परिषद की मांग है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई की जाए। वहीं, MVVNL ने अपने लिखित बयान में कहा है कि उनकी लैब तकनीकी रूप से पूरी तरह सुसज्जित है और वह स्मार्ट मीटरों के स्वीकृति परीक्षण के लिए अधिकृत है।
स्मार्ट मीटरों के लिए जरूरी नियम और मानक
- IS 16444 मानक: यह BIS द्वारा निर्धारित मानक है, जिसके तहत स्मार्ट मीटरों की साइबर सुरक्षा, डेटा ट्रांसमिशन और ऊर्जा खपत की जांच होती है।
- गुणवत्ता आदेश: वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने 14 जुलाई, 2023 को स्मार्ट मीटरों के लिए क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर जारी किया था।
- नियामक कार्रवाई: 24 अप्रैल, 2026 को नियामक आयोग ने मीटर शिकायतों पर पावर कॉरपोरेशन को नोटिस जारी कर 1 लाख रुपये प्रतिदिन जुर्माने की चेतावनी दी थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
MVVNL की लैब पर क्या आरोप लगे हैं?
उपभोक्ता परिषद का आरोप है कि MVVNL की लखनऊ स्थित लैब बिना उचित लाइसेंस के स्मार्ट प्रीपेड मीटरों की जांच कर रही है, जो भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के IS 16444 नियमों का उल्लंघन है।
NABL की भूमिका इस मामले में क्या है?
NABL वह संस्था है जिसने उपभोक्ता परिषद की शिकायत को स्वीकार किया है और अब वह इस बात की समीक्षा कर रही है कि लैब के पास जरूरी लाइसेंस थे या नहीं।