UP के Sitapur में आंधी-तूफान से गिरी दीवारें, एक महिला की मौत और कई लोग घायल

UP: सीतापुर जिले में 26 मई 2026 को आए भीषण आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई। इस प्राकृतिक आपदा के कारण कई जगहों पर पक्की दीवारें गिर गईं, जिससे कई परिवार प्रभावित हुए। पिसावां और सदरपुर थाना क्षेत्रों में हुए हादसों में जान

UP: सीतापुर जिले में 26 मई 2026 को आए भीषण आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई। इस प्राकृतिक आपदा के कारण कई जगहों पर पक्की दीवारें गिर गईं, जिससे कई परिवार प्रभावित हुए। पिसावां और सदरपुर थाना क्षेत्रों में हुए हादसों में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है, जिसमें एक महिला और एक बुजुर्ग की मौत हो गई है।

पिसावां के छोटी बराहमऊ खुर्द गांव में क्या हुआ

पिसावां क्षेत्र के छोटी बराहमऊ खुर्द गांव में एक नवनिर्मित दीवार अचानक ढह गई, जिसके नीचे एक ही परिवार के पांच लोग दब गए। इस दर्दनाक हादसे में किस्मत जहां नाम की महिला की मौत हो गई। उनके पति शकील और तीन छोटे बच्चे – अमन बेग (6 वर्ष), अहद बेग (4 वर्ष), और समद बेग (2 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल शकील को जिला अस्पताल भेजा गया है, जबकि बच्चों का इलाज महोली में चल रहा है।

प्रशासन की कार्रवाई और मुआवजे की जानकारी

हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। एसडीएम शिख शुक्ला ने बताया कि मृतक के परिवार को दैवीय आपदा राहत के तहत सरकारी सहायता दिलाई जाएगी। जिलाधिकारी ने भी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घायलों का समुचित इलाज हो और मृतकों के परिजनों को नियमानुसार मुआवजा जल्द से जल्द मिले। क्षेत्रीय लेखपाल अरुणेंद्र प्रताप फिलहाल नुकसान का आकलन कर रहे हैं।

सदरपुर क्षेत्र में भी हुआ हादसा

आंधी-तूफान का असर केवल पिसावां तक सीमित नहीं था। सदरपुर थाना क्षेत्र में भी दीवार गिरने की एक घटना सामने आई है। इस हादसे में एक बुजुर्ग व्यक्ति की जान चली गई, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं। जिले में मौसम के बिगड़ने से कई जगहों पर ऐसी घटनाएं दर्ज की गई हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सीतापुर में दीवार गिरने का मुख्य कारण क्या था?

26 मई 2026 की रात को सीतापुर जिले में आए भीषण आंधी-तूफान और तेज बारिश के कारण पक्की दीवारें भरभराकर गिर गईं।

प्रशासन ने पीड़ितों के लिए क्या सहायता announced की है?

एसडीएम और जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि घायलों का पूरा इलाज कराया जाए और मृतक के परिजनों को दैवीय आपदा राहत के तहत सरकारी मुआवजा दिया जाए।