UP के श्रावस्ती में बदहाल हुई सरदार जोगिंदर सिंह की हवेली, कभी यहां जुटते थे आजादी के दीवाने

UP/Shravasti: श्रावस्ती के भिनगा से करीब 18 किलोमीटर दूर भंगहा में स्थित पूर्व राज्यपाल सरदार जोगिंदर सिंह की हवेली आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। यह हवेली कभी देश की आजादी की लड़ाई लड़ने वाले क्रांतिकारियों का सबसे

UP/Shravasti: श्रावस्ती के भिनगा से करीब 18 किलोमीटर दूर भंगहा में स्थित पूर्व राज्यपाल सरदार जोगिंदर सिंह की हवेली आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। यह हवेली कभी देश की आजादी की लड़ाई लड़ने वाले क्रांतिकारियों का सबसे सुरक्षित ठिकाना हुआ करती थी, लेकिन अब प्रशासनिक अनदेखी के कारण यह खंडहर में बदल चुकी है।

यह हवेली अपनी खास भौगोलिक स्थिति की वजह से अंग्रेजों की नजरों से बची रहती थी। एक तरफ पर्वत और दूसरी तरफ राप्ती नदी के साथ-साथ सोहेलवा, ककरदरी, हरदत्त नगर गिरंट और भिनगा के घने जंगलों से घिरे होने के कारण यह क्रांतिकारियों के लिए एक अभेद्य किले जैसा काम करती थी। इसी वजह से अवध क्षेत्र के आजादी के दीवाने यहां गुप्त बैठकें करते थे और अंग्रेजों के खिलाफ रणनीति तैयार करते थे।

सरदार जोगिंदर सिंह का व्यक्तित्व काफी प्रभावशाली था। उन्होंने उड़ीसा और राजस्थान के राज्यपाल के रूप में कार्य किया। इसके अलावा वे लोकसभा और राज्यसभा सांसद, जनलेखा समिति, प्राकलन समिति के सदस्य और नेशनल राइफल एसोसिएशन के मानद महासचिव भी रहे। उन्होंने कृषि आयोग के सदस्य और गृह समिति के अध्यक्ष जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी निभाई थीं।

इतने ऐतिहासिक महत्व के बावजूद इस धरोहर की हालत बहुत खराब है। देखरेख के अभाव और प्रशासनिक उपेक्षा ने इस हवेली को खंडहर बना दिया है। हालांकि पहले जिला अधिकारी अजय द्विवेदी ने इस मामले में जांच कराकर इसे संरक्षित करने की बात कही थी, लेकिन वर्तमान में यह हवेली पूरी तरह उपेक्षित पड़ी है।