UP: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आज लखनऊ लौटेगी SIT, गोबर के ढेर से मिले 10 लाख रुपये

UP/Ayodhya: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले की जांच कर रही SIT आज लखनऊ वापस लौट रही है। यह टीम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी शुरुआती रिपोर्ट सौंप सकती है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि राम भक्तों की

UP/Ayodhya: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले की जांच कर रही SIT आज लखनऊ वापस लौट रही है। यह टीम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी शुरुआती रिपोर्ट सौंप सकती है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि राम भक्तों की आस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी बड़ा अधिकारी या प्रभावशाली व्यक्ति क्यों न हो।

जांच के दौरान SIT को एक बड़ी सफलता मिली है। लवकुश मिश्रा नाम के एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उसके घर पर छापेमारी की तो गोबर के ढेर में छिपाकर रखे गए 10 लाख रुपये नकद बरामद हुए। पता चला है कि गणना कक्ष में ड्यूटी लगने के बाद लवकुश की जीवनशैली अचानक बदल गई थी और वह शराब पर काफी पैसा खर्च करने लगा था।

SIT ने इस मामले में अब तक 50 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की है। इसमें मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और प्रशासक गोपाल राव भी शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, चंपत राय के ड्राइवर राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू पर शक गहरा गया है, जिससे रत्नों के चढ़ावे को लेकर सवाल पूछे जा रहे हैं। टिन्नू ने पूछताछ में मंदिर व्यवस्था की निगरानी करने वाले डॉ. अनिल कुमार मिश्र की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।

जांच के मुख्य बिंदु विवरण
गायब सामग्री करीब 60 किलो चांदी की शिलाएं रिकॉर्ड से गायब हैं
मुख्य आरोपी लवकुश मिश्रा (10 लाख रुपये बरामद)
पूछताछ 50 से अधिक ट्रस्ट सदस्य, गणना कर्मी और बैंक कर्मचारी
रिपोर्ट समयसीमा 7 दिन में शुरुआती और 15 दिन में अंतिम रिपोर्ट
चुनौती CCTV फुटेज का बैकअप सिर्फ 45 दिन का होना

निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने इस पूरी घटना को एक डाका बताया है। उन्होंने कहा कि यह श्रद्धालुओं के विश्वास के साथ धोखा है और बैंक की जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े किए हैं। जांच में यह भी सामने आया कि पहले कुछ अधिकारियों ने गणना कक्ष में कैमरे लगाने का विरोध किया था, उनका कहना था कि सब अपने ही लड़के हैं। हालांकि, बाद में लगाए गए गुप्त कैमरों से ही चोरों की पहचान हो पाई।

SIT अब फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की मदद ले रही है ताकि डिलीट किए गए CCTV डेटा को वापस लाया जा सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है और कहा है कि 15 दिनों के भीतर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।