UP: उत्तर प्रदेश के ज्यादातर जिलों में इन दिनों आंधी और तूफान का दौर चल रहा है। रविवार रात को कई इलाकों में तेज हवाओं ने भारी नुकसान किया, जिससे पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए। हालांकि, इस मौसम ने लोगों को भीषण गर्मी और ल
UP: उत्तर प्रदेश के ज्यादातर जिलों में इन दिनों आंधी और तूफान का दौर चल रहा है। रविवार रात को कई इलाकों में तेज हवाओं ने भारी नुकसान किया, जिससे पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए। हालांकि, इस मौसम ने लोगों को भीषण गर्मी और लू से राहत दी है और कई शहरों में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है।
आंधी-तूफान का अलर्ट और मौसम का हाल
IMD के मुताबिक, यूपी के 63 जिलों में गरज-चमक और आंधी का येलो अलर्ट जारी किया गया है। सोमवार को कई जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे और कुछ जगहों पर 70 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के कारण यह स्थिति बनी हुई है। मंगलवार, 2 जून से इसका असर कम होने लगेगा और धीरे-धीरे मौसम साफ हो जाएगा।
कितना हुआ नुकसान और क्या है सरकारी निर्देश
पिछले 48 घंटों में आंधी-तूफान ने काफी तबाही मचाई है। 30 मई को प्रदेश में 31 लोगों की जान गई, जिनमें से 15 मौतें बुंदेलखंड में हुईं। वहीं 31 मई को लखनऊ और इटावा समेत अन्य जिलों में 4 और लोगों की मौत हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सतर्क रहने और प्रभावित परिवारों को तुरंत राहत राशि देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही फसलों के नुकसान का सर्वे करने को भी कहा गया है।
यूपी में मानसून कब तक आएगा
मानसून को लेकर IMD ने अनुमान लगाया है कि उत्तर प्रदेश में 15 से 20 जून के बीच मानसून पहुंच सकता है। पूर्वी यूपी में बारिश की शुरुआत जल्दी होने की उम्मीद है, जबकि पश्चिमी यूपी के लोगों को 25 जून तक का इंतजार करना पड़ सकता है। विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि बिजली चमकने के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यूपी में मानसून कब तक आएगा?
IMD के अनुसार, उत्तर प्रदेश में मानसून 15 से 20 जून के बीच आ सकता है। पूर्वी यूपी में यह जल्दी पहुंचेगा, जबकि पश्चिमी यूपी में 25 जून तक का समय लग सकता है।
आंधी-तूफान से बचने के लिए क्या सावधानी बरतें?
मौसम विभाग ने सलाह दी है कि आंधी और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।