UP में लखनऊ-गोंडा और गोरखपुर-वाराणसी रूट पर बढ़ेगी ट्रेनों की रफ्तार, यात्रियों का सफर होगा आसान

UP: पूर्वोत्तर रेलवे के यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। अब लखनऊ-गोंडा, गोरखपुर और भटनी-वाराणसी ट्रैक पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाई जाएगी। रेलवे प्रशासन ने इन रूटों पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने और सफर को तेज करने के लिए काम शु

UP: पूर्वोत्तर रेलवे के यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। अब लखनऊ-गोंडा, गोरखपुर और भटनी-वाराणसी ट्रैक पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाई जाएगी। रेलवे प्रशासन ने इन रूटों पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने और सफर को तेज करने के लिए काम शुरू कर दिया है, जिससे आम यात्रियों का समय बचेगा और यात्रा सुगम होगी।

ट्रेनों की स्पीड और ट्रैक में क्या बदलाव होंगे?

रेलवे बोर्ड के निर्देश पर इन मार्गों को ‘उच्च उपयोग वाले ट्रैक’ में शामिल किया गया है। गोंडा-बुढ़वल मार्ग पर ट्रेनों की रफ्तार 130 किमी/घंटा तक करने के लिए 52 किलोग्राम वाले स्लीपरों को हटाकर 62 किलोग्राम वाले स्लीपर लगाए जा रहे हैं। साथ ही, ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग सिस्टम भी लगाया जा रहा है। दिसंबर 2025 तक बाराबंकी से छपरा के बीच लगभग 425 किमी रेलमार्ग पर लाइनों और स्लीपरों को बदलने का काम पूरा हो जाएगा।

इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और नई लाइनों का काम

रेलवे प्रशासन ट्रैक की क्षमता बढ़ाने के लिए कई बड़े बदलाव कर रहा है। लखनऊ-बाराबंकी-गोंडा रूट पर तीसरी लाइन का काम तेजी से चल रहा है और चौथी लाइन के लिए सर्वे किया जा रहा है। इसके अलावा, गोरखपुर-वाल्मीकिनगर रूट पर दोहरीकरण और पुल-पुलिया बनाने का काम शुरू हो गया है। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए मानव रहित फाटकों को हटाकर रोड ओवर ब्रिज (ROB) और रोड अंडर ब्रिज (RUB) बनाए जाएंगे।

रेलवे अपडेट्स और यात्री सुविधाएं

विवरण जानकारी
हाई स्पीड की नई परिभाषा 130 किमी प्रति घंटा या उससे अधिक
फेंसिंग कार्य गोरखपुर से लखनऊ तक 1350 किमी (पहला चरण मार्च 2026 तक)
ट्रेन गति वृद्धि नए टाइम टेबल में पूर्वोत्तर रेलवे की 12 ट्रेनों की स्पीड बढ़ी
समर स्पेशल ट्रेनें मई 2026 में पिछले साल से 37% अधिक ट्रेनें चलाई गईं
मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट गाजियाबाद-सीतापुर तीसरी और चौथी लाइन (403 किमी) को मंजूरी

Frequently Asked Questions (FAQs)

ट्रेनों की रफ्तार 130 किमी/घंटा कैसे होगी?

रेलवे 52 किलो के स्लीपरों को बदलकर 62 किलो के भारी स्लीपर लगा रहा है और ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग सिस्टम स्थापित कर रहा है, जिससे ट्रेनें तेज गति से चल सकेंगी।

लखनऊ चारबाग स्टेशन पर क्या स्थिति है?

निर्माण कार्यों की वजह से 10 जून तक ब्लॉक बढ़ाया गया है, जिससे 22 ट्रेनें बदले हुए मार्ग से चलेंगी और 68 ट्रेनों के प्लेटफॉर्म बदल दिए गए हैं।