UP : उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राहुल गांधी ने आने वाले चुनावों के लिए बहुजन समाज पार्टी (BSP) के साथ हाथ मिलाने की कोशिश की, लेकिन मायावती ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया। राहुल गा
UP : उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राहुल गांधी ने आने वाले चुनावों के लिए बहुजन समाज पार्टी (BSP) के साथ हाथ मिलाने की कोशिश की, लेकिन मायावती ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया। राहुल गांधी ने बातचीत के लिए अपने खास दूतों को भेजा था, जिन्हें बसपा सुप्रीमो ने वापस भेज दिया।
राहुल गांधी ने गठबंधन के लिए किसे भेजा था
राहुल गांधी ने बसपा के साथ गठबंधन की संभावनाओं को टटोलने के लिए मायावती के घर अपने दूत भेजे थे। इन दूतों में बाराबंकी सांसद भी शामिल थे। यह पूरी कोशिश 20 मई 2026 को सामने आई, लेकिन मायावती ने इन दूतों से बात करने के बजाय उन्हें वापस लौटा दिया। मायावती पहले भी कई बार कांग्रेस को दलित विरोधी बता चुकी हैं और उनके साथ किसी भी तरह के गठबंधन की बात को नकारती रही हैं।
राहुल गांधी का अमेठी दौरा और 2027 की तैयारी
एक तरफ जहां बसपा के साथ बातचीत नहीं बनी, वहीं राहुल गांधी 20 मई 2026 को अमेठी के दौरे पर हैं। यहां वे पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे और साल 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए रणनीति बनाएंगे। इस दौरे का मुख्य मकसद संगठन को मजबूत करना और कार्यकर्ताओं में नया जोश भरना है।
अखिलेश यादव ने गठबंधन पर क्या कहा
इस बीच 19 मई 2026 को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से जब राहुल गांधी के साथ चुनाव प्रचार करने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने सकारात्मक संकेत दिए। अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी पार्टी को गठबंधन चलाने का पुराना अनुभव है और वे यह पक्का करते हैं कि उनके साथ चलने वाले सहयोगियों को भी पूरा फायदा मिले।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या राहुल गांधी और मायावती के बीच गठबंधन हुआ है
नहीं, राहुल गांधी ने गठबंधन के लिए बाराबंकी सांसद समेत अपने दूत भेजे थे, लेकिन मायावती ने उन्हें वापस लौटाकर प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है।
राहुल गांधी अमेठी क्यों जा रहे हैं
राहुल गांधी 20 मई 2026 को अमेठी में कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे ताकि 2027 के यूपी विधानसभा चुनावों के लिए रणनीति तैयार की जा सके।