UP: लखनऊ के निजी स्कूलों के लिए एक बड़ी खबर आई है। अब प्राइवेट स्कूलों में स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) बनाना जरूरी नहीं होगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि जिन निजी स्कूलों को सरकार से कोई पैसा या अनुदान नह
UP: लखनऊ के निजी स्कूलों के लिए एक बड़ी खबर आई है। अब प्राइवेट स्कूलों में स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) बनाना जरूरी नहीं होगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि जिन निजी स्कूलों को सरकार से कोई पैसा या अनुदान नहीं मिलता, उन पर 2026 की नई गाइडलाइन लागू नहीं होंगी।
निजी स्कूलों के लिए नियम क्या हैं?
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 6 मई 2026 को SMC गाइडलाइन जारी की थी। इसके बाद कई जगह चिंता जताई गई, जिसके जवाब में शिक्षा मंत्रालय ने 21 मई 2026 को स्पष्टीकरण दिया। मंत्रालय ने बताया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) 2009 की धारा 2(n)(iv) के मुताबिक SMC का नियम सिर्फ सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के लिए है। हालांकि, सरकार ने निजी स्कूलों को सलाह दी है कि वे अपनी मर्जी से पारदर्शिता के लिए ऐसी समितियां बना सकते हैं।
प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने क्या कहा?
अनएडेड प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन उत्तर प्रदेश ने इस फैसले का स्वागत किया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने कहा कि निजी स्कूलों में 75% अभिभावकों वाली समिति का ढांचा बनाना कानूनी और व्यावहारिक तौर पर सही नहीं था। वहीं सचिव डॉ. माला मेहरा ने बताया कि देश के 50% से ज्यादा बच्चे निजी स्कूलों में पढ़ रहे हैं, इसलिए सरकार को नियंत्रण के बजाय सहयोग की नीति अपनानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि भविष्य में कोई भी नियम बनाने से पहले स्कूल चलाने वालों से बात की जाए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या सभी प्राइवेट स्कूलों को SMC बनानी होगी?
नहीं, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अनुसार जिन निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों को सरकार से कोई वित्तीय मदद नहीं मिलती, उनके लिए स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) बनाना अनिवार्य नहीं है।
यह नियम किन स्कूलों पर लागू होता है?
SMC के दिशा-निर्देश मुख्य रूप से सरकारी स्कूलों और उन स्कूलों पर लागू होते हैं जिन्हें सरकार से अनुदान या वित्तीय सहायता प्राप्त होती है।