UP : उत्तर प्रदेश के पंचायत सहायकों ने अपनी मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। 1 जून, 2026 से पूरे प्रदेश में मोबाइल आधारित कार्यों और ऑनलाइन उपस्थिति का बहिष्कार शुरू किया गया है। इस हड़ताल का असर अब गांवों में दिखने लग
UP : उत्तर प्रदेश के पंचायत सहायकों ने अपनी मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। 1 जून, 2026 से पूरे प्रदेश में मोबाइल आधारित कार्यों और ऑनलाइन उपस्थिति का बहिष्कार शुरू किया गया है। इस हड़ताल का असर अब गांवों में दिखने लगा है, जिससे आम लोगों के जरूरी सरकारी कागजात बनवाना मुश्किल हो गया है।
पंचायत सहायकों की मुख्य मांगें क्या हैं?
पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन उत्तर प्रदेश के नेतृत्व में यह विरोध प्रदर्शन हो रहा है। सहायकों की सबसे बड़ी मांग उनके मानदेय को 6,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करने की है। इसके अलावा वे संविदा व्यवस्था को खत्म कर स्थायी सेवा नियमावली बनाने, भर्ती में 50% क्षैतिज आरक्षण देने और महिला सहायकों के लिए विवाह के बाद स्थानांतरण की नीति बनाने की मांग कर रहे हैं।
आम जनता पर क्या असर पड़ रहा है?
कार्य बहिष्कार की वजह से ग्राम सचिवालयों में कामकाज ठप हो गया है। आगरा जैसे जिलों में करीब 690 सचिवालय प्रभावित हुए हैं। इस कारण ग्रामीणों को आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र बनवाने, जन्म-मृत्यु पंजीकरण कराने और पेंशन आवेदन जैसे जरूरी कामों के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है।
आगे की रणनीति और सरकारी प्रतिक्रिया क्या है?
पंचायत सहायकों ने चेतावनी दी है कि अगर 15 जून, 2026 तक उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे लखनऊ के इको गार्डन में बड़ा धरना-प्रदर्शन करेंगे। इस बीच, पंचायत राज अधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि मांगों की जानकारी शासन को दे दी गई है। कई जिलाधिकारियों ने भी आश्वासन दिया है कि इन मांगों को सरकार तक पहुंचाया जाएगा।
| मुख्य मांग |
विवरण |
| मानदेय वृद्धि |
₹6,000 से बढ़ाकर ₹30,000 करना |
| स्थायीकरण |
संविदा व्यवस्था समाप्त कर स्थायी करना |
| आरक्षण |
भर्ती में 50% क्षैतिज आरक्षण |
| संसाधन |
कंप्यूटर, प्रिंटर और इंटरनेट की सुविधा |
| भुगतान |
बकाया मानदेय का समय पर भुगतान |
Frequently Asked Questions (FAQs)
पंचायत सहायकों की हड़ताल से कौन सी सेवाएं प्रभावित हुई हैं?
इस हड़ताल से आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, जन्म-मृत्यु पंजीकरण और पेंशन आवेदन जैसी महत्वपूर्ण जनसेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं।
पंचायत सहायकों ने लखनऊ में प्रदर्शन कब करने की चेतावनी दी है?
यदि 15 जून, 2026 तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो पंचायत सहायक लखनऊ के इको गार्डन में बड़ा धरना-प्रदर्शन करेंगे।