UP : उत्तर प्रदेश के पंचायत सहायकों ने अपने मानदेय में बढ़ोतरी और सेवा नियमावली को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोनभद्र और चित्रकूट समेत कई जिलों में प्रदर्शन के बाद अब 15 जून को लखनऊ के ईको गार्डन में एक बड़े
UP : उत्तर प्रदेश के पंचायत सहायकों ने अपने मानदेय में बढ़ोतरी और सेवा नियमावली को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोनभद्र और चित्रकूट समेत कई जिलों में प्रदर्शन के बाद अब 15 जून को लखनऊ के ईको गार्डन में एक बड़े प्रदेशव्यापी शांतिपूर्ण धरने की तैयारी की गई है। पंचायत सहायकों का कहना है कि वे डिजिटल सेवाओं और सरकारी योजनाओं को जमीन पर लागू करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन उन्हें उचित वेतन नहीं मिल रहा है।
पंचायत सहायकों की मुख्य मांगें क्या हैं?
पंचायत सहायकों ने अपनी मांगों की एक लंबी सूची सरकार के सामने रखी है। उनकी सबसे बड़ी मांग मानदेय को 6,000 रुपये से बढ़ाकर ग्राम पंचायत सचिव के बराबर 30,000 रुपये करने की है। इसके अलावा वे अनुबंध व्यवस्था को खत्म कर स्थायी कर्मचारी का दर्जा और सेवा नियमावली बनाने की मांग कर रहे हैं। महिला सहायकों के लिए शादी के बाद ट्रांसफर नीति और आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने की बात भी कही गई है।
काम का बोझ और संसाधनों की कमी
पंचायत सहायकों का आरोप है कि उन्हें राजस्व, कृषि, स्वास्थ्य और जनगणना जैसे अन्य विभागों के अनावश्यक कामों में लगाया जा रहा है। विभागीय कार्यों के लिए उन्हें स्मार्टफोन और इंटरनेट रिचार्ज की सुविधा नहीं मिलती, जिसके कारण वे अपने निजी पैसों का इस्तेमाल कर रहे हैं। प्रतापगढ़ और अलीगढ़ जैसे जिलों में मानदेय का भुगतान न होने और काम के दबाव को लेकर पहले भी विरोध प्रदर्शन किए जा चुके हैं।
सरकार और प्रशासन का क्या रुख है?
इस मामले में पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने आश्वासन दिया है कि वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने समान काम और समान वेतन का मुद्दा उठाएंगे। वहीं, जिला स्तर पर पंचायत सहायकों ने DM, CDO और DPRO को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया है। अगर 15 जून तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो लखनऊ में बड़ा प्रदर्शन होगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पंचायत सहायक वर्तमान में कितना मानदेय पा रहे हैं और उनकी मांग क्या है?
वर्तमान में पंचायत सहायकों को 6,000 रुपये प्रति माह मानदेय मिलता है। उनकी मांग है कि इसे बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रति माह किया जाए या कम से कम कुशल मजदूरी की दर लागू की जाए।
लखनऊ में प्रदर्शन कब और कहां प्रस्तावित है?
पंचायत सहायकों ने 15 जून, 2026 को लखनऊ के ईको गार्डन में एक प्रदेशव्यापी शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।