UP: उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में काम करने वाले पंचायत सहायकों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन ने मुख्यमंत्री और पंचायती राज विभाग को अपनी 14 सूत्रीय मांगों का
UP: उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में काम करने वाले पंचायत सहायकों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन ने मुख्यमंत्री और पंचायती राज विभाग को अपनी 14 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा है। अगर ये मांगें समय पर पूरी नहीं हुईं, तो प्रदेशभर के पंचायत सहायक 15 जून को लखनऊ के ईको गार्डन में शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन करेंगे।
पंचायत सहायकों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
पंचायत सहायकों ने अपनी मांगों में मानदेय बढ़ाने और नौकरी की सुरक्षा पर सबसे ज्यादा जोर दिया है। उनकी मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- मासिक मानदेय 6,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये किया जाए या न्यूनतम कुशल श्रमिक वेतन दिया जाए।
- सेवा नियमों को स्थायी बनाया जाए ताकि नौकरी की सुरक्षा मिल सके।
- काम के लिए स्मार्टफोन, इंटरनेट रिचार्ज और स्टेशनरी का खर्च सरकार दे।
- सभी सहायकों को आयुष्मान कार्ड की सुविधा दी जाए।
- शादीशुदा महिला सहायकों के लिए ट्रांसफर या एडजस्टमेंट पॉलिसी बनाई जाए।
- ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी की भर्ती में 50% आरक्षण मिले।
प्रदर्शन की तैयारी और सरकार का रुख क्या है?
पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि वे 14 जून तक जवाब का इंतजार करेंगे। 1 जून को जिलाधिकारियों (DM) और जिला पंचायती राज अधिकारियों (DPRO) के जरिए ज्ञापन भेजा गया था। कुछ जिलों जैसे बलिया में यह प्रक्रिया 19 मई से ही शुरू हो गई थी।
इस मामले पर जिला पंचायती राज अधिकारी (DPRO) ने कहा कि कम मानदेय को लेकर विरोध हो रहा है, लेकिन इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा क्योंकि यह पूरी तरह सरकारी फैसला है। वहीं, पंचायत सहायकों का कहना है कि उन्हें अन्य विभागों जैसे राजस्व, कृषि और स्वास्थ्य के कामों में लगाया जाता है, जिसे तुरंत बंद किया जाना चाहिए। साथ ही पंचायत सचिवालयों में कंप्यूटर, प्रिंटर और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पंचायत सहायक लखनऊ में प्रदर्शन कब और कहां करेंगे?
पंचायत सहायक 15 जून 2026 को लखनऊ के ईको गार्डन में शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन करेंगे, यदि उनकी 14 सूत्रीय मांगें पूरी नहीं होती हैं।
पंचायत सहायकों के मानदेय को लेकर क्या मांग है?
पंचायत सहायकों की मांग है कि उनका वर्तमान मासिक मानदेय 6,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये किया जाए या उन्हें न्यूनतम कुशल श्रमिक वेतन दिया जाए।