UP के नोएडा और लखनऊ बनेंगे निवेश के बड़े हब, IBM और Cognizant बढ़ाएंगे निवेश, लखनऊ बनेगा AI सिटी

UP: उत्तर प्रदेश के नोएडा और लखनऊ अब दुनिया की बड़ी कंपनियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। बेंगलुरु में आयोजित ‘उत्तर प्रदेश ग्लोबल ग्रोथ डायलॉग 2026’ के दौरान IBM और Cognizant जैसी दिग्गज कंपनियों ने र

UP: उत्तर प्रदेश के नोएडा और लखनऊ अब दुनिया की बड़ी कंपनियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। बेंगलुरु में आयोजित ‘उत्तर प्रदेश ग्लोबल ग्रोथ डायलॉग 2026’ के दौरान IBM और Cognizant जैसी दिग्गज कंपनियों ने राज्य में अपना निवेश बढ़ाने के संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में राज्य को एक बड़े आर्थिक बदलाव की ओर ले जाने की तैयारी है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस आयोजन में बताया कि बेहतर कनेक्टिविटी, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और कानून-व्यवस्था की वजह से निवेशक अब यूपी की ओर रुख कर रहे हैं। उन्होंने लखनऊ को एक खास ‘AI सिटी’ के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा है, ताकि यह शहर तकनीक और नए आइडियाज का केंद्र बन सके। सरकार की ‘ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) पॉलिसी 2024’ के तहत फॉर्च्यून 500 कंपनियों को यूपी लाने की कोशिश की जा रही है, जिससे नोएडा, लखनऊ, कानपुर और वाराणसी जैसे शहर डिजिटल सेवाओं के हब बन सकें।

IBM इंडिया और साउथ एशिया की CFO तेजस्विनी राजवाड़े ने यूपी के बिजनेस माहौल में आए सकारात्मक बदलाव की तारीफ की। उन्होंने घोषणा की कि IBM लखनऊ में एक नई सॉफ्टवेयर लैब बनाएगा, जो जनरेटिव एआई (Generative AI) और एजेंटिक एआई (Agentic AI) जैसी आधुनिक तकनीकों पर काम करेगी। इससे पहले फरवरी 2026 में लखनऊ में ‘एआई गवर्नमेंट टेक्नोलॉजी इनोवेशन सेंटर’ भी शुरू किया गया था, जो सरकारी कामों में एआई के इस्तेमाल और स्कूलों में एआई साक्षरता बढ़ाने पर केंद्रित है।

कॉग्निजेंट के वाइस प्रेसिडेंट गौरव हाजरा ने नोएडा और एनसीआर क्षेत्र को बिजनेस के लिए बेहद प्रतिस्पर्धी बताया। वहीं एम्बेसी ग्रुप के सीईओ अमित शेट्टी ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और लखनऊ को भारत की सबसे तेजी से बढ़ती निवेश जगहों में गिनाया। सरकार ने डेटा सेंटर नीति के तहत 30,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी है। लखनऊ के नादरगंज इलाके में करीब 40 एकड़ जमीन पर AI सिटी का काम शुरू होगा, जिसमें रिसर्च सेंटर और वर्ल्ड क्लास आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा।