UP में स्कूली वाहनों पर सख्ती, ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ के तहत लखनऊ में कटे चालान, 15 जुलाई तक चलेगा अभियान

UP/Lucknow: प्रदेश में बच्चों की सुरक्षा के लिए परिवहन विभाग ने ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ अभियान शुरू किया है। यह अभियान 1 जुलाई से 15 जुलाई 2026 तक चलेगा, जिसका मकसद स्कूली वाहनों के फिटनेस और परमिट नियमों का 100% प

UP/Lucknow: प्रदेश में बच्चों की सुरक्षा के लिए परिवहन विभाग ने ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ अभियान शुरू किया है। यह अभियान 1 जुलाई से 15 जुलाई 2026 तक चलेगा, जिसका मकसद स्कूली वाहनों के फिटनेस और परमिट नियमों का 100% पालन सुनिश्चित करना है। लखनऊ में पहले दिन ही विभाग ने सख्ती दिखाते हुए 12 वाहनों का चालान किया और दो वैन को जब्त कर लिया।

परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दया शंकर सिंह के निर्देश पर यह अभियान चलाया जा रहा है। परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने सभी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों को इसके लिए जरूरी निर्देश दिए हैं। लखनऊ में एआरटीओ (एनफोर्समेंट) आलोक कुमार यादव ने माउंट फोर्ट इंटरमीडिएट कॉलेज, कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल और एवरग्रीन पब्लिक स्कूल जैसे संस्थानों में जांच की। वहीं, मैनपुरी में करीब 100 स्कूलों को नोटिस भेजे गए और मुरादाबाद में 20 से ज्यादा वाहनों की जांच हुई।

इस अभियान को दो हिस्सों में बांटा गया है। पहले चरण में 1 से 7 जुलाई तक स्कूलों और वाहन मालिकों को नोटिस दिए जा रहे हैं और उन्हें फिटनेस, परमिट और बीमा के कागजात पूरे करने को कहा गया है। दूसरे चरण में 8 जुलाई से 15 जुलाई तक परिवहन, पुलिस, ट्रैफिक और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीमें सड़कों पर उतरेंगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगी।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध परमिट या फिटनेस वाले वाहनों को जब्त किया जाएगा और जब तक कमियां दूर नहीं होंगी, उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। लगातार लापरवाही बरतने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द करने की सिफारिश भी की जा सकती है। निजी वाहनों द्वारा अवैध रूप से बच्चों को ढोने पर भी कड़ी कार्रवाई होगी।

नियम और जरूरी शर्तें विवरण
ड्राइवर अनुभव भारी वाहनों के लिए कम से कम 5 साल का अनुभव और कोई ट्रैफिक रिकॉर्ड न हो
सुरक्षा उपकरण दो 5 किलो वाले ISI मार्क फायर एक्सटिंग्विशर (एक केबिन में, एक इमरजेंसी एग्जिट के पास)
अनिवार्य दस्तावेज वैध बीमा, प्रदूषण सर्टिफिकेट और GPS इंस्टॉलेशन
वाहन की पहचान बस का रंग गहरा पीला, स्कूल का नाम और चाइल्ड हेल्पलाइन (1098) लिखा होना जरूरी
स्टाफ और सुरक्षा कंडक्टर/अटेंडेंट की मौजूदगी और ड्राइवर-स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य
प्रतिबंध ड्राइवर द्वारा मोबाइल या ईयरफोन का इस्तेमाल और ओवरलोडिंग पूरी तरह मना है

परिवहन विभाग ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों को ले जाने वाले वाहनों के कागजात और सुरक्षा मानकों की जांच जरूर करें।