UP में मौलाना के विवादित बयान पर बवाल, श्रीकृष्ण को बताया मुस्लिम; संत ने किया 10 लाख के इनाम का ऐलान

UP/Lucknow: उत्तर प्रदेश के इटावा के रहने वाले मौलाना जर्जिस अंसारी के एक बयान ने प्रदेश में भारी तनाव पैदा कर दिया है. मौलाना ने भगवान श्रीकृष्ण को मुस्लिम बताते हुए दावा किया कि वे दिन में पांच बार नमाज पढ़ते थे. इस बय

UP/Lucknow: उत्तर प्रदेश के इटावा के रहने वाले मौलाना जर्जिस अंसारी के एक बयान ने प्रदेश में भारी तनाव पैदा कर दिया है. मौलाना ने भगवान श्रीकृष्ण को मुस्लिम बताते हुए दावा किया कि वे दिन में पांच बार नमाज पढ़ते थे. इस बयान के बाद लखनऊ और अन्य शहरों में हिंदू संगठनों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है.

यह पूरा मामला 23 जून 2026 को झारखंड में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ, जहां मौलाना ने यह बातें कही थीं. अब इस कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे लोगों में काफी गुस्सा है. मौलाना ने अपने दावे के लिए श्रीमद्भगवद्गीता के छठे अध्याय के दसवें श्लोक का हवाला दिया और कहा कि इस्लाम एक सार्वभौमिक धर्म है जिसका प्रचार राम और कृष्ण ने भी किया था.

इस बयान पर संतों और हिंदू संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. अयोध्या के महंत विष्णु दास ने मौलाना की जुबान काटने वाले को 10 लाख रुपये देने की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि मौलाना को संस्कृत का ज्ञान नहीं है और उन्होंने गीता के श्लोकों की गलत व्याख्या की है. वहीं जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने इस बयान को आधारहीन और देश में अशांति फैलाने वाला बताया है. आगरा के महंत निर्मल गिरी और संत देवेशाचार्य ने भी इसे निंदनीय करार देते हुए कहा कि मौलाना ने अपना मानसिक संतुलन खो दिया है.

कानूनी मोर्चे पर, अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने लखनऊ के हजरतगंज थाने में FIR दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा. विशेषज्ञों का कहना है कि गीता के जिस श्लोक का जिक्र मौलाना ने किया, वह असल में योगी के एकांत में ध्यान और इंद्रियों पर नियंत्रण की बात करता है, इसमें नमाज का कोई जिक्र नहीं है.

मौलाना जर्जिस अंसारी पहले भी कई विवादों में रहे हैं. 2022 में उन्हें बलात्कार और ब्लैकमेलिंग के मामले में वाराणसी की अदालत ने 10 साल की सजा सुनाई थी. इसके अलावा, उन्होंने मुस्लिम महिलाओं और बाबरी मस्जिद को लेकर भी भड़काऊ बयान दिए थे.