UP में खुला देश का सबसे महंगा एक्सप्रेस-वे, लखनऊ-कानपुर के बीच अब 45 मिनट में पहुंचेंगे लोग

UP: लखनऊ और कानपुर के बीच सफर करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। सोमवार, 13 जुलाई 2026 को देश के सबसे महंगे एक्सप्रेस-वे, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे (NE-6) का उद्घाटन हुआ। मंगलवार, 14 जुलाई की सुबह 8 बजे से इसे आम जनता के ल

UP: लखनऊ और कानपुर के बीच सफर करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। सोमवार, 13 जुलाई 2026 को देश के सबसे महंगे एक्सप्रेस-वे, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे (NE-6) का उद्घाटन हुआ। मंगलवार, 14 जुलाई की सुबह 8 बजे से इसे आम जनता के लिए खोल दिया गया है। अब लखनऊ से कानपुर जाने में लगने वाले 3 घंटे का समय घटकर महज 35 से 45 मिनट रह जाएगा।

इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिलकर किया। NHAI ने इस प्रोजेक्ट को तैयार किया है और इसका निर्माण PNC इन्फ्राटेक लिमिटेड ने किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इससे प्रदेश के बुनियादी ढांचे और आर्थिक तरक्की को नई रफ्तार मिलेगी। वहीं नितिन गडकरी ने इसे भारत का पहला पूरी तरह से AI-आधारित एक्सप्रेसवे बताया है।

इस सड़क की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां कोई पारंपरिक टोल प्लाजा नहीं होगा। यह देश का पहला बैरियर-फ्री एक्सप्रेसवे है, जहां मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) तकनीक का इस्तेमाल होगा। यानी गाड़ियां बिना रुके निकल जाएंगी और FASTag या नंबर प्लेट पहचान (ANPR) तकनीक से टोल अपने आप कट जाएगा। अगर FASTag में बैलेंस नहीं हुआ, तो मालिक को ई-नोटिस मिलेगा और दोगुना टोल के साथ 500 से 1000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है।

63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे को बनाने में करीब 4,200 से 4,700 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसकी टोल दरें इस प्रकार हैं:

वाहन का प्रकार एक तरफ का टोल (रुपये)
कार, जीप और वैन 275
हल्के व्यावसायिक वाहन 445
बस और ट्रक 935
भारी वाहन 1020

नियमित यात्रियों के लिए 3,075 रुपये का सालाना पास भी उपलब्ध है, जिससे साल में 200 बार सफर किया जा सकेगा। 24 घंटे के अंदर वापसी करने वालों को टोल में छूट मिलेगी।

सुरक्षा के लिहाज से यहां 120 किमी प्रति घंटे की स्पीड लिमिट तय की गई है, जबकि भारी वाहनों के लिए यह 80 किमी प्रति घंटा है। ओवर-स्पीडिंग करने वालों का ई-चालान अपने आप कटेगा। एक्सप्रेसवे पर 80 से ज्यादा HD कैमरे और स्पीड रडार लगे हैं, ताकि किसी भी हादसे की स्थिति में 15 मिनट के भीतर मदद पहुंचाई जा सके। ध्यान रहे कि इस सड़क पर दोपहिया और तिपहिया वाहनों का जाना मना है।