UP: उत्तर प्रदेश के बच्चों के अधिकारों की रक्षा करने वाले राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (UP SCPCR) में लंबे समय से अध्यक्ष और सदस्यों के पद खाली पड़े हैं। इस गंभीर स्थिति पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने कड़ा रुख अ
UP: उत्तर प्रदेश के बच्चों के अधिकारों की रक्षा करने वाले राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (UP SCPCR) में लंबे समय से अध्यक्ष और सदस्यों के पद खाली पड़े हैं। इस गंभीर स्थिति पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि अगले चार महीनों के भीतर इन सभी खाली पदों पर नियुक्तियां पूरी की जाएं ताकि बच्चों से जुड़ी समस्याओं का समाधान हो सके।
कोर्ट ने नियुक्तियों के लिए क्या कहा है?
जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस अवधेश कुमार चौधरी की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने साफ तौर पर कहा कि बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए आयोग का काम करना बहुत जरूरी है। सरकार को निर्देश दिया गया है कि इस पूरी प्रक्रिया को ‘वॉर-फूटिंग’ यानी युद्ध स्तर पर पूरा किया जाए। कोर्ट ने उम्मीद जताई है कि 4 महीने के अंदर यह काम पूरा हो जाएगा।
क्यों पड़ी इस आदेश की जरूरत?
यह मामला ‘ह्यूमन यूनिटी मूवमेंट’ नाम की संस्था द्वारा दायर एक जनहित याचिका (PIL) के बाद सामने आया। याचिकाकर्ता डॉ. संगीता शर्मा ने बताया कि नवंबर 2024 से पूरा आयोग पूरी तरह से बंद पड़ा है। जब आयोग में कोई अधिकारी ही नहीं होगा, तो बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों की सुनवाई और शिकायतों का निपटारा कैसे होगा। कोर्ट ने माना कि एक वैधानिक संस्था का इतने लंबे समय तक बंद रहना सही नहीं है।
किसे दिया गया है जिम्मेदारी?
हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार और विशेष रूप से महिला एवं बाल विकास विभाग को इस काम की जिम्मेदारी सौंपी है। कोर्ट ने याचिका को इस निर्देश के साथ निपटा दिया है कि सरकार जल्द से जल्द योग्य लोगों की नियुक्ति करे ताकि राज्य के बच्चों को उनका कानूनी अधिकार मिल सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
UP बाल आयोग के पद कितने समय से खाली हैं?
कोर्ट की जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग नवंबर 2024 से पूरी तरह से गैर-कार्यात्मक है और इसके अध्यक्ष व सदस्यों के पद खाली पड़े हैं।
हाईकोर्ट ने सरकार को कितना समय दिया है?
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि इन खाली पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया अधिमानतः 4 महीने के भीतर पूरी कर ली जाए।