UP में फर्जी IAS के PA की पत्नी गिरफ्तार, डॉक्टर दंपती से 70 लाख की ठगी
UP/Lucknow: सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये ठगने वाली एक महिला को पुलिस ने लखनऊ से गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला सुमन मिश्रा खुद को फर्जी IAS अधिकारी के PA पंकज मिश्रा की पत्नी बताकर लोगों को झांसे में लेती थी।
UP/Lucknow: सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये ठगने वाली एक महिला को पुलिस ने लखनऊ से गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला सुमन मिश्रा खुद को फर्जी IAS अधिकारी के PA पंकज मिश्रा की पत्नी बताकर लोगों को झांसे में लेती थी। वह एक डॉक्टर दंपती से 70 लाख रुपये ठगने के बाद पिछले दो साल से फरार चल रही थी।
मेरठ पुलिस की टीपीनगर थाना पुलिस और सर्विलांस सेल की टीम ने शुक्रवार, 26 जून 2026 को सुमन मिश्रा को लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन से पकड़ा। एसपी सिटी विनायक भोसले ने बताया कि महिला पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है ताकि पता चल सके कि इसमें और कौन-कौन लोग शामिल थे।
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब दिल्ली-देहरादून हाईवे के सुशांत सिटी निवासी BDS डॉक्टर माधवेंद्र सिंह और उनकी पत्नी डॉ. ज्योति को नौकरी का लालच दिया गया। डॉ. ज्योति ने 2018 में सरकारी डॉक्टर के लिए आवेदन किया था, लेकिन उनका चयन नहीं हुआ। इसी बीच मार्च 2023 में पंकज मिश्रा ने खुद को IAS अधिकारी का PA बताकर डॉ. माधवेंद्र सिंह को भरोसा दिलाया कि वह उनकी पत्नी को सरकारी डॉक्टर बनवा देगा।
पंकज मिश्रा ने इस काम के बदले डॉ. माधवेंद्र सिंह से आठ बार में कुल 70 लाख रुपये लिए। अक्टूबर 2023 में एक परीक्षा हुई और नवंबर में जब परिणाम आया तो डॉ. ज्योति का नाम लिस्ट में नहीं था। इसके बाद पीड़ित डॉक्टर ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया।
पुलिस जांच में सामने आया कि पंकज मिश्रा पहले भी कई बार ठगी के मामलों में जेल जा चुका है। वह 2012 और 2020 में भी लखनऊ से गिरफ्तार हुआ था। इतना ही नहीं, पंकज ने 50 लाख रुपये की सुपारी देकर डॉक्टर को दुष्कर्म के फर्जी केस में फंसाने की साजिश भी रची थी। पंकज मिश्रा पहले ही गिरफ्तार हो चुका है और उसके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। इस ठगी में पंकज के भाई प्रभात कुमार और ड्राइवर बबलू की भूमिका की भी जांच की जा रही है।