UP के किसानों के लिए खुशखबरी, Lucknow में बनेगा क्लीन प्लांट सेंटर, आम और लीची की खेती होगी आसान

UP: उत्तर प्रदेश के बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार लखनऊ में एक आधुनिक क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित करने जा रही है। इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य किसानों को बीमारियों से मुक्त और उच्च गुणवत्ता वाले पौधे उप

UP: उत्तर प्रदेश के बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार लखनऊ में एक आधुनिक क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित करने जा रही है। इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य किसानों को बीमारियों से मुक्त और उच्च गुणवत्ता वाले पौधे उपलब्ध कराना है, जिससे उनकी पैदावार बढ़े और आमदनी में इजाफा हो। यह घोषणा केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लखनऊ में आयोजित ‘फ्रूट होराइजन 2026’ कॉन्फ्रेंस के दौरान की।

यह सेंटर लखनऊ के ICAR-सेंट्रल इंस्टीट्यूट फॉर सबट्रॉपिकल हॉर्टिकल्चर (CISH) में बनाया जाएगा। यहाँ मुख्य रूप से आम, अमरूद, लीची और एवोकैडो जैसी फसलों के लिए जेनेटिक रूप से शुद्ध और रोगमुक्त पौधों को विकसित और संरक्षित किया जाएगा। इससे राज्य के बागवानों को बेहतर क्वालिटी की पौध मिलेगी और फल उत्पादन में यूपी ग्लोबल लेवल पर अपनी पहचान बना पाएगा।

इसी बीच, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के योजना भवन में कृषि और ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक की। बैठक में समृद्ध उत्तर प्रदेश को विकसित भारत के लक्ष्य के लिए बहुत जरूरी बताया गया। इस दौरान किसानों के हित में कई बड़े फैसले लिए गए, जिनमें रबी मार्केटिंग वर्ष 2026-27 के लिए चना, मसूर और सरसों की सरकारी खरीद की अवधि 24 जून से बढ़ाकर 8 जुलाई 2026 तक कर दी गई है।

ग्रामीण विकास के मोर्चे पर, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अगले चरण के लिए 6,18,482 पात्र लाभार्थियों की सूची मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी गई है। साथ ही, एल नीनो (El Niño) के कारण मौसम में होने वाले बदलावों से निपटने के लिए जिला स्तर पर वैकल्पिक योजनाएं बनाने का निर्णय लिया गया, ताकि कम पानी वाली और कम समय में तैयार होने वाली फसलों को बढ़ावा दिया जा सके।

भविष्य की तैयारी करते हुए ICAR ने ‘विकसित कृषि @2047: उत्तर प्रदेश एक्शन प्लान’ पेश किया। इस रोडमैप का लक्ष्य यूपी की कृषि अर्थव्यवस्था को 7.41 ट्रिलियन रुपये से बढ़ाकर 2047 तक 96.96 ट्रिलियन रुपये करना है। इसके लिए कृषि विकास दर को 3.19% से बढ़ाकर 5.41% करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें आधुनिक तकनीक और जलवायु अनुकूल खेती पर जोर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन फैसलों का स्वागत किया और अधिकारियों को मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए फसल बीमा कवरेज बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।