UP: उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) द्वारा 624 प्रवक्ता पदों के लिए लिखित परीक्षा 9 और 10 मई 2026 को आयोजित की जा रही है। इस परीक्षा के लिए कुल 4,64,605 अभ्यर्थी आवेदन कर चुके हैं। प्रदेश के 17 जिलों में 319 क
UP: उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) द्वारा 624 प्रवक्ता पदों के लिए लिखित परीक्षा 9 और 10 मई 2026 को आयोजित की जा रही है। इस परीक्षा के लिए कुल 4,64,605 अभ्यर्थी आवेदन कर चुके हैं। प्रदेश के 17 जिलों में 319 केंद्रों पर यह परीक्षा दो शिफ्टों में चल रही है, जिसमें पारदर्शिता के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं।
परीक्षा का समय और केंद्रों की जानकारी क्या है?
यह परीक्षा दो शिफ्टों में आयोजित हो रही है। पहली शिफ्ट सुबह 9:30 से 11:30 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 2:30 से 4:30 बजे तक है। कुल 18 विषयों के लिए 624 पदों की यह भर्ती है। परीक्षा केंद्रों पर जिला मजिस्ट्रेट, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और विशेष पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है ताकि व्यवस्था बनी रहे।
AI कैमरा और OMR स्कैनिंग का नया सिस्टम क्या है?
परीक्षा में नकल रोकने के लिए सभी कमरों में AI आधारित CCTV कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे प्रयागराज स्थित कंट्रोल रूम से सीधे जुड़े हैं, जिससे संदिग्ध उम्मीदवारों की पहचान आसान होगी। इसके अलावा, लखनऊ मंडल के 10 केंद्रों पर एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। यहाँ परीक्षा खत्म होते ही उम्मीदवारों और इनविजिलेटर की मौजूदगी में OMR शीट को तुरंत स्कैन किया जा रहा है।
नियमों का उल्लंघन करने पर क्या होगा?
UPESSC के चेयरमैन डॉ. प्रशांत कुमार ने साफ किया है कि परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी होगी। उन्होंने चेतावनी दी है कि उत्तर प्रदेश लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत किसी भी तरह की गड़बड़ी करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू है और मोबाइल या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को ले जाना पूरी तरह मना है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
प्रवक्ता भर्ती परीक्षा के लिए कितने अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है?
इस भर्ती के लिए कुल 4,64,605 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है और कुल 624 पदों के लिए परीक्षा आयोजित की जा रही है।
लखनऊ में OMR शीट स्कैनिंग का नया नियम क्या है?
लखनऊ मंडल के 10 केंद्रों पर पायलट प्रोजेक्ट के तहत परीक्षा खत्म होते ही हॉल के अंदर ही OMR शीट स्कैन की जा रही हैं, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।