UP: लखनऊ में पुलिस द्वारा वकीलों के चैंबर गिराए जाने और कथित बदसलूकी के बाद राज्यभर के अधिवक्ताओं में भारी गुस्सा है। इस घटना के विरोध में लखनऊ के साथ-साथ भोगांव, वाराणसी और रायबरेली जैसे शहरों में वकीलों ने मोर्चा खोल द
UP: लखनऊ में पुलिस द्वारा वकीलों के चैंबर गिराए जाने और कथित बदसलूकी के बाद राज्यभर के अधिवक्ताओं में भारी गुस्सा है। इस घटना के विरोध में लखनऊ के साथ-साथ भोगांव, वाराणसी और रायबरेली जैसे शहरों में वकीलों ने मोर्चा खोल दिया है। अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का पूर्ण बहिष्कार किया है और दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
लखनऊ में बुलडोजर कार्रवाई और विवाद की वजह क्या है?
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ के 7 मई के आदेश के बाद नगर निगम ने अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। प्रशासन का कहना है कि सड़क और फुटपाथ पर बने अवैध कब्जों को हटाया गया। हालांकि, वकीलों का आरोप है कि कोर्ट ने केवल 72 चैंबर हटाने को कहा था, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने करीब 240 चैंबर ध्वस्त कर दिए। 17 मई को इस कार्रवाई के दौरान पुलिस और वकीलों के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें लाठीचार्ज और पथराव की खबरें आईं।
भोगांव और अन्य जिलों में कैसा है विरोध प्रदर्शन का हाल?
19 मई को भोगांव में तहसील अभिभाषक परिषद के बैनर तले वकीलों ने न्यायिक काम पूरी तरह बंद रखा और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। लखनऊ में स्थिति और गंभीर रही, जहां वकीलों ने जिलाधिकारी कार्यालय को बंद करा दिया और स्वास्थ्य भवन चौराहे से कलेक्ट्रेट जाने वाला रास्ता जाम कर दिया। वाराणसी और रायबरेली के बार एसोसिएशन ने भी हड़ताल की और घायल वकीलों के लिए मुआवजे और मुफ्त इलाज की मांग की है।
प्रशासन और राजनीतिक दलों का इस पर क्या कहना है?
पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) कमलेश दीक्षित ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बल का प्रयोग किया गया, हालांकि उन्होंने सीधे लाठीचार्ज से इनकार किया। दूसरी तरफ, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और प्रवक्ता मनोज काका ने इस कार्रवाई की निंदा की है। उन्होंने इसे वकीलों का अपमान बताया और सरकार से उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है। खबर है कि 25 मई को इस मामले की अगली सुनवाई होनी है, उससे पहले कुछ और निर्माण गिराए जा सकते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में वकीलों के चैंबर क्यों तोड़े गए?
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ के आदेश के बाद नगर निगम ने सड़क, फुटपाथ और नालों पर बने अवैध कब्जों को हटाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई की थी।
वकीलों का मुख्य आरोप क्या है?
वकीलों का आरोप है कि कोर्ट ने सिर्फ 72 चैंबर हटाने का आदेश दिया था, लेकिन प्रशासन ने लगभग 240 चैंबर तोड़ दिए और पुलिस ने उनके साथ बदसलूकी की।