UP में नवजातों के लिए देश का पहला लैक्टेशन मैनेजमेंट मॉड्यूल लॉन्च, SGPGI के विशेषज्ञों ने तैयार किया

UP/Lucknow: उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले नवजात शिशुओं को अब मां के दूध का सुरक्षा कवच और बेहतर तरीके से मिल सकेगा। राज्य सरकार ने लखनऊ में देश का पहला फैसिलिटी-बेस्ड लैक्टेशन मैनेजमेंट (FBLM) प्रशि

UP/Lucknow: उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले नवजात शिशुओं को अब मां के दूध का सुरक्षा कवच और बेहतर तरीके से मिल सकेगा। राज्य सरकार ने लखनऊ में देश का पहला फैसिलिटी-बेस्ड लैक्टेशन मैनेजमेंट (FBLM) प्रशिक्षण मॉड्यूल लॉन्च किया है। इस पहल से खासतौर पर कम वजन वाले और समय से पहले जन्मे बच्चों को फायदा होगा और फार्मूला फीडिंग पर उनकी निर्भरता कम होगी।

इस मॉड्यूल का शुभारंभ शुक्रवार, 3 जुलाई 2026 को एक राज्य-स्तरीय ट्रेनिंग प्रोग्राम के दौरान किया गया। अतिरिक्त मुख्य सचिव (चिकित्सा स्वास्थ्य) अमित कुमार घोष ने इसे लॉन्च किया। यह मॉड्यूल डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्य कर्मियों को इस तरह प्रशिक्षित करेगा कि वे माताओं को स्तनपान के बारे में सही सलाह दे सकें और प्रसव के तुरंत बाद स्तनपान शुरू कराने में मदद कर सकें।

इस महत्वपूर्ण मॉड्यूल को तैयार करने में SGPGI लखनऊ के प्रोफेसर अनीता सिंह और KGMU के प्रोफेसर एस.एन. सिंह व प्रोफेसर शालिनी त्रिपाठी जैसे विशेषज्ञों ने मुख्य भूमिका निभाई है। इसमें लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज की प्रोफेसर प्रतिमा आनंद का भी योगदान रहा। इस पूरे कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के परिवार कल्याण निदेशालय ने आयोजित किया और इसे यूनिसेफ (UNICEF) का समर्थन मिला है।

फिलहाल प्रदेश के 45 जिलों के स्वास्थ्य पेशेवर इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे हैं। इसके अलावा, SGPGI ने मई 2026 में अपने जनरल अस्पताल की ओपीडी में ब्रेस्टफीडिंग कियोस्क भी लगाए हैं। यह कदम इसलिए उठाया गया ताकि सार्वजनिक जगहों पर स्तनपान कराने में माताओं को होने वाली परेशानी को दूर किया जा सके।