UP में कोटेदारों का हल्लाबोल, कमीशन बढ़ाने और बकाया भुगतान के लिए लखनऊ में करेंगे प्रदर्शन
UP: उत्तर प्रदेश के राशन दुकान चलाने वाले कोटेदार अब अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरने की तैयारी में हैं। कमीशन में बढ़ोतरी और लंबे समय से रुके हुए लाभांश के भुगतान के लिए कोटेदारों ने लखनऊ में बड़े धरना प्रदर्शन का ऐलान
UP: उत्तर प्रदेश के राशन दुकान चलाने वाले कोटेदार अब अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरने की तैयारी में हैं। कमीशन में बढ़ोतरी और लंबे समय से रुके हुए लाभांश के भुगतान के लिए कोटेदारों ने लखनऊ में बड़े धरना प्रदर्शन का ऐलान किया है। प्रदेश भर के कोटेदार अब सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ने के मूड में नजर आ रहे हैं।
हाल ही में 2 जुलाई 2026 को लखनऊ में एक आपातकालीन बैठक हुई थी, जिसमें अलग-अलग जिलों से आए राशन दुकानदारों ने विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे मानसिक और आर्थिक शोषण पर चर्चा की। इसके बाद 3 जुलाई को ठूठीबारी में निचलौल ब्लॉक के कोटेदारों ने भी बैठक की। इस बैठक में प्रदेश सचिव राजेंद्र सोनी, जिलाध्यक्ष पोहारी शरण और ब्लॉक अध्यक्ष कमल किशोर यादव मौजूद रहे, जहां लखनऊ में प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया।
कोटेदारों का कहना है कि वर्तमान में उन्हें एक क्विंटल राशन पर सिर्फ 90 रुपये कमीशन मिलता है, जो महंगाई के दौर में बहुत कम है। दुकान का किराया, बिजली बिल और मजदूरों का भुगतान करने के बाद उनके पास परिवार चलाने के लिए पैसे नहीं बचते। उनकी मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- राशन कमीशन को 90 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए।
- वर्षों से लंबित लाभांश का तुरंत भुगतान हो।
- ऑल इंडिया फेयर प्राइस डीलर्स एसोसिएशन के माध्यम से न्यूनतम आय गारंटी लागू की जाए।
आर्थिक तंगी इतनी बढ़ गई है कि कई कोटेदारों को पिछले पांच महीनों से कमीशन और बोरा की रकम नहीं मिली है। हालांकि, पहले खाद्य आयुक्त और प्रभारी मंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने भुगतान शुरू करने का आश्वासन दिया था, लेकिन जमीनी स्तर पर समस्या अब भी बनी हुई है।
अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो कोटेदारों ने 28 जुलाई 2026 को विधानसभा का घेराव करने की चेतावनी दी है। इतना ही नहीं, अगस्त 2026 से राशन के उठान और वितरण कार्य का पूरी तरह बहिष्कार करने की बात भी कही गई है, जिससे प्रदेश में राशन वितरण व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।