UP : उन्नाव जिले में बुधवार को तेज आंधी और तूफान ने रेल यातायात की रफ्तार रोक दी। कानपुर-लखनऊ रेल मार्ग पर सोनिक और जैतीपुर स्टेशनों के बीच एक विशाल पेड़ गिरने से ओवरहेड इलेक्ट्रिक (OHE) लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इस वजह से
UP : उन्नाव जिले में बुधवार को तेज आंधी और तूफान ने रेल यातायात की रफ्तार रोक दी। कानपुर-लखनऊ रेल मार्ग पर सोनिक और जैतीपुर स्टेशनों के बीच एक विशाल पेड़ गिरने से ओवरहेड इलेक्ट्रिक (OHE) लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इस वजह से वंदे भारत और शताब्दी जैसी बड़ी ट्रेनें समेत कई पैसेंजर ट्रेनें रास्ते में ही रुक गईं और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
रेल यातायात कितने समय तक बाधित रहा और क्या हुआ?
यह घटना 13 मई 2026 को दोपहर करीब तीन बजे हुई। जगदीशपुर गांव के पास अप लाइन पर पेड़ गिरने और सोनिक में ओएचई लाइन पर डाल गिरने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के इंस्पेक्टर हरीश कुमार ने बताया कि मरम्मत का काम तेजी से किया गया और शाम सात बजे तक ट्रैक को साफ कर रेल संचालन दोबारा शुरू कर दिया गया।
कौन सी ट्रेनें प्रभावित हुईं और वर्तमान स्थिति क्या है?
इस हादसे की वजह से 10 से ज्यादा प्रमुख ट्रेनें अलग-अलग स्टेशनों और आउटर पर खड़ी रहीं। प्रभावित ट्रेनों की सूची नीचे दी गई है:
| ट्रेन का नाम |
प्रभाव |
| शताब्दी एक्सप्रेस |
रास्ते में रुकी |
| वंदे भारत एक्सप्रेस |
संचालन बाधित |
| मेमू पैसेंजर |
देरी से चली |
| बांद्रा टर्मिनल साप्ताहिक |
स्टेशन/आउटर पर रुकी |
गंगा रेल पुल का मेगा ब्लॉक हुआ खत्म
रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी एस.बी. जायसवाल ने जानकारी दी कि गंगा नदी के रेलवे पुल पर चल रहा 42 दिनों का मेगा ब्लॉक बुधवार शाम को समाप्त हो गया है। इस ब्लॉक की वजह से 55 ट्रेनें रद्द या डायवर्ट की गई थीं, जो अब अपने पुराने रूट पर लौट आएंगी। हालांकि, सुरक्षा के लिहाज से अगले दो दिनों तक पुल पर ट्रेनों की रफ्तार 15 किलोमीटर प्रति घंटा रखी जाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कानपुर-लखनऊ रेल मार्ग पर ट्रेनें क्यों रुकी थीं?
13 मई को तेज आंधी के कारण उन्नाव के जगदीशपुर गांव के पास एक बड़ा पेड़ रेलवे ट्रैक और OHE लाइन पर गिर गया था, जिससे बिजली गुल हो गई और ट्रेनें रुक गईं।
गंगा रेल पुल का मेगा ब्लॉक खत्म होने से क्या बदलाव होगा?
42 दिनों का मेगा ब्लॉक खत्म होने के बाद अब रद्द या डायवर्ट की गई 55 ट्रेनें अपने निर्धारित मार्ग पर चलेंगी, हालांकि शुरुआत में पुल पर रफ्तार धीमी रखी जाएगी।