UP: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास के गांवों में रहने वाले लोगों के लिए सफर करना जानलेवा साबित हो रहा है। एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद भी यहां के निवासियों के पास बस पकड़ने का कोई सुरक्षित साधन नहीं है। जेवर तहसील के लोग
UP: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास के गांवों में रहने वाले लोगों के लिए सफर करना जानलेवा साबित हो रहा है। एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद भी यहां के निवासियों के पास बस पकड़ने का कोई सुरक्षित साधन नहीं है। जेवर तहसील के लोग अलीगढ़, आगरा और मथुरा जाने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे पर खतरनाक तरीके से बसें पकड़ने को मजबूर हैं। बुनियादी सुविधाओं के अभाव में स्थानीय लोग हर दिन अपनी जान दांव पर लगा रहे हैं।
ग्रामीणों को किन परेशानियों का करना पड़ रहा है सामना
- लोग यमुना एक्सप्रेसवे तक पहुंचने के लिए 20 से 25 फीट की खतरनाक और खड़ी ढलान चढ़ते हैं।
- चढ़ने और उतरने में मदद के लिए ग्रामीणों ने दो पेड़ों के बीच एक बिजली का केबल बांधा हुआ है।
- एक्सप्रेसवे पर पैदल चलने की मनाही और 100 किमी की रफ्तार होने के बावजूद लोग वहां खड़े होकर बस का इंतजार करते हैं।
- जेवर कस्बे से नोएडा के लिए सुबह केवल दो बसें चलती हैं, जिससे बाकी लोगों को एक्सप्रेसवे पर जाना पड़ता है।
- बसें अक्सर कस्बे के अंदर नहीं जाती हैं और यात्रियों को हाईवे पर ही उतार देती हैं जिससे हादसे का डर बना रहता है।
परिवहन विभाग और सरकार की तरफ से क्या है अपडेट
यूपी रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (UPSRTC) के क्षेत्रीय प्रबंधक एमके सिंह ने इन दिक्कतों से इनकार किया है, जबकि जमीन पर हालात अलग नजर आते हैं। सरकार ने एयरपोर्ट को जोड़ने के लिए सड़क, रेल और बस नेटवर्क विकसित करने की बात कही है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (NIAL) और यमुना अथॉरिटी फिलहाल छोटे स्तर के समाधान खोजने पर काम कर रही हैं। भविष्य में 500 इलेक्ट्रिक बसें चलाने और मेट्रो लिंक तैयार करने की योजना है, लेकिन ग्रामीण चाहते हैं कि उन्हें तुरंत शटल बस सेवा दी जाए ताकि वे सुरक्षित सफर कर सकें।