UP के 8 शहरों में सस्ते घरों की बुकिंग शुरू, 1BHK से 4BHK तक के विकल्प; जानें कीमत और आवेदन का तरीका
UP: उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद (UPAVP) ने राज्य के 8 प्रमुख शहरों में किफायती फ्लैट्स की बिक्री शुरू कर दी है। लखनऊ, गाजियाबाद, आगरा और कानपुर समेत कई शहरों में 1BHK से लेकर 4BHK तक के घर उपलब्ध हैं। 20 जुलाई 2026
UP: उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद (UPAVP) ने राज्य के 8 प्रमुख शहरों में किफायती फ्लैट्स की बिक्री शुरू कर दी है। लखनऊ, गाजियाबाद, आगरा और कानपुर समेत कई शहरों में 1BHK से लेकर 4BHK तक के घर उपलब्ध हैं। 20 जुलाई 2026 से शुरू हुई इस बुकिंग का फायदा उन लोगों को मिलेगा जो अपने लिए एक पक्का घर तलाश रहे हैं।
इन फ्लैट्स की शुरुआती कीमत 7.80 लाख रुपये है, जबकि बड़े फ्लैट्स की कीमत 1.07 करोड़ रुपये तक जाती है। यह बुकिंग ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर होगी। लखनऊ में गोकुल ग्राम, बीब खेड़ा और अवध विहार योजना जैसे इलाकों में घर मिलेंगे। वहीं गाजियाबाद के मंडोला विहार, मेरठ के जागृति विहार एक्सटेंशन, कानपुर की स्कीम नंबर-3 और आगरा की सिकंदरा योजना में भी विकल्प मौजूद हैं। मुरादाबाद, सहारनपुर और सुल्तानपुर में भी फ्लैट्स उपलब्ध कराए गए हैं।
भुगतान करने वालों के लिए सरकार ने भारी छूट की व्यवस्था की है। अगर कोई खरीदार 45 दिनों के भीतर पूरा पैसा जमा करता है, तो उसे 6% की छूट मिलेगी। 60 दिनों में भुगतान पर 5% और 90 दिनों में भुगतान करने पर 4% का डिस्काउंट मिलेगा। सरकारी कर्मचारियों, सुरक्षा कर्मियों और पूर्व सैनिकों के लिए विशेष नियम हैं, जिन्हें 60 दिनों में पूरा भुगतान करने पर 20% तक की छूट मिल सकती है।
| श्रेणी/सुविधा | विवरण |
|---|---|
| बुकिंग तरीका | पहले आओ, पहले पाओ (First-Come, First-Served) |
| आधिकारिक वेबसाइट | upavp.in |
| टोल-फ्री नंबर | 1800-180-5333 |
| प्रोजेक्ट स्टेटस | सभी प्रोजेक्ट्स RERA रजिस्टर्ड हैं |
| कब्जा नियम (सामान्य) | 50% भुगतान के बाद |
| कब्जा नियम (सरकारी कर्मचारी/सैनिक) | 25% भुगतान के बाद |
आवेदन करने के लिए शर्त यह है कि आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए। साथ ही, उसके या उसके परिवार के पास भारत में कहीं भी कोई पक्का घर नहीं होना चाहिए। पात्रता के लिए आय वर्ग को तीन हिस्सों में बांटा गया है, जिसमें EWS के लिए वार्षिक आय 3 लाख रुपये तक, LIG के लिए 3 से 6 लाख रुपये और MIG के लिए उच्च आय वर्ग तय किया गया है।