UP : उत्तर प्रदेश में हिंदी पत्रकारिता के 200 साल पूरे होने पर लखनऊ और कानपुर में बड़े कार्यक्रम हुए। इन समारोहों में डिप्टी सीएम Brajesh Pathak ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की और पत्रकारिता, भाषा और समाज सेवा में योगद
UP : उत्तर प्रदेश में हिंदी पत्रकारिता के 200 साल पूरे होने पर लखनऊ और कानपुर में बड़े कार्यक्रम हुए। इन समारोहों में डिप्टी सीएम Brajesh Pathak ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की और पत्रकारिता, भाषा और समाज सेवा में योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया। यह खास मौका 1826 में पंडित जुगल किशोर शुक्ल द्वारा शुरू किए गए पहले हिंदी अखबार ‘उदंत मार्तंड’ की याद में मनाया गया।
पत्रकारों के लिए क्या है सरकार की नई योजना
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने इस मौके पर एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि सरकार मान्यता प्राप्त पत्रकारों को आयुष्मान योजना से जोड़ने की तैयारी कर रही है। इसके अलावा अन्य पत्रकारों के लिए भी शासन स्तर पर प्रस्ताव भेजा गया है। पाठक ने कहा कि पत्रकारों को किसी भी जरूरत के लिए सीधे उनसे संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने एआई के दौर में पत्रकारों को सावधान रहने और वंचितों की आवाज उठाने की सलाह दी।
किन शहरों में हुए कार्यक्रम और क्या रहा खास
हिंदी पत्रकारिता के इस सफर को मनाने के लिए अलग-अलग आयोजन हुए। 23 मई को लखनऊ के विश्वेश्वरैया हॉल में ‘पत्रकार महाकुंभ-2026’ हुआ, जिसका उद्घाटन डिप्टी सीएम और परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने किया। 29 मई को कानपुर प्रेस क्लब ने गैंजेस क्लब में सम्मान समारोह रखा, जिसमें विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और सांसद रमेश अवस्थी भी पहुंचे। 30 मई को CSJMU कानपुर ने ‘हिंदी पत्रकारिता के गौरवमयी 200 साल’ नाम की एक स्मारिका जारी की।
प्रमुख घोषणाएं और सम्मान की सूची
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने ऐलान किया कि विधानसभा की डिजिटल गैलरी में पत्रकार गणेश शंकर विद्यार्थी का चित्र लगाया जाएगा। कानपुर कार्यक्रम में राजीव सिंह, विजय त्रिपाठी, राजकिशोर, अंकित शुक्ला, पंकज निगम, संजय त्रिपाठी, आदित्य द्विवेदी, ऋषभ मणि त्रिपाठी और रतीश त्रिवेदी जैसे व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने डिजिटल युग में सत्य और निष्पक्षता को पत्रकारिता की असली पहचान बताया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हिंदी पत्रकारिता की शुरुआत कब और कैसे हुई थी
हिंदी पत्रकारिता की शुरुआत 1826 में हुई थी, जब पंडित जुगल किशोर शुक्ल ने पहले हिंदी समाचार पत्र ‘उदंत मार्तंड’ का प्रकाशन शुरू किया था।
पत्रकारों के लिए सरकार ने क्या सुविधा देने की बात कही है
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने घोषणा की है कि मान्यता प्राप्त पत्रकारों को आयुष्मान योजना से जोड़ा जाएगा और अन्य पत्रकारों के लिए भी प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।