UP में भारी बारिश का कहर, 33 जिलों में Orange Alert; गंगा का जलस्तर बढ़ने से वाराणसी के मंदिर डूबे
UP: उत्तर प्रदेश के कई शहरों में भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सड़कों पर पानी भरने से गाड़ियां फंस गईं और कई इलाकों में मंदिर और अस्पताल जलमग्न हो गए। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए गंभीर चेतावनी जारी
UP: उत्तर प्रदेश के कई शहरों में भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सड़कों पर पानी भरने से गाड़ियां फंस गईं और कई इलाकों में मंदिर और अस्पताल जलमग्न हो गए। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है, जिससे प्रशासन और आम लोग अलर्ट मोड पर हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और लखनऊ के क्षेत्रीय मौसम केंद्र ने 20 जुलाई को राज्य के 33 जिलों में बहुत भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट और 37 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, बहराइच और लखीमपुर खीरी जैसे जिलों में स्थिति अधिक गंभीर हो सकती है। मौसम वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा और अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और एक नए मौसमी सिस्टम की वजह से 24 जुलाई तक मानसून सक्रिय रहेगा, जिससे पूरे प्रदेश में भारी बारिश होने की संभावना है।
बारिश का सबसे बुरा असर वाराणसी और आसपास के इलाकों में दिख रहा है। गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे शीतला घाट का आरती स्थल पूरी तरह डूब गया है और रत्नेश्वर महादेव मंदिर का 20 प्रतिशत हिस्सा पानी में समा गया है। अब ललित घाट की गंगा आरती विश्वनाथ मंदिर की छत पर की जा रही है। चंदौली में भी गंगा का जलस्तर बढ़ने से बलुआ घाट की सीढ़ियों तक पानी पहुंच गया है। वहीं बाराबंकी और बलिया में सरयू नदी उफान पर है, जिससे बलिया के बांसडीह में करीब 150 परिवारों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ा है।
भारी बारिश की वजह से राज्य में बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। प्रयागराज में एक कार नाले में धंस गई, जबकि वाराणसी के गोविंदपुर और गुरुधाम चौराहों पर भारी जलभराव देखा गया। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक दो लोगों की मौत की खबर मिली है, जिनमें से एक की मौत पेड़ गिरने और दूसरे की बिजली गिरने से हुई।
हालात को देखते हुए NDRF की छह टीमें वाराणसी में तैनात की गई हैं। एनडीआरएफ के सीओ अनूप सिंह बिष्ट ने बताया कि छोटी नावों के संचालन पर रोक लगाने की तैयारी है और बिना लाइफ जैकेट के किसी भी नाव को चलने नहीं दिया जाएगा। प्रशासन ने लोगों को नदियों के किनारे न जाने और भूस्खलन वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है।
| शहर/जिला | दर्ज बारिश (मिमी) |
|---|---|
| गोरखपुर | 141.6 |
| मिर्जापुर | 80 |
| लखीमपुर खीरी | 70.4 |
| वाराणसी | 64 |
| सुल्तानपुर | 58 |