UP में विधानसभा का घेराव करेंगे ग्राम रोजगार सेवक, मानदेय और नियमितीकरण को लेकर लखनऊ कूच का ऐलान

UP: उत्तर प्रदेश के ग्राम रोजगार सेवक और मनरेगा कर्मी अपनी पुरानी मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। ग्राम रोजगार सेवक संघ ने प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर 1 और 2 जुलाई 2026 को लखनऊ में विधानसभा का घेराव करने क

UP: उत्तर प्रदेश के ग्राम रोजगार सेवक और मनरेगा कर्मी अपनी पुरानी मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। ग्राम रोजगार सेवक संघ ने प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर 1 और 2 जुलाई 2026 को लखनऊ में विधानसभा का घेराव करने का फैसला किया है। इस विरोध प्रदर्शन में प्रदेश भर से सैकड़ों कर्मियों के शामिल होने की संभावना है।

संगठन के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप द्विवेदी और कन्नौज के नवनिर्वाचित जिलाध्यक्ष अजीत कटियार ने आंदोलन की तैयारी पूरी कर ली है। कर्मियों का कहना है कि उनकी कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं और अब वे सड़क पर उतरकर अपनी आवाज उठाएंगे। इसके लिए 26 और 27 जून को विभिन्न जिलों में बैठकें भी की गईं, ताकि लखनऊ कूच की रणनीति बनाई जा सके।

रोजगार सेवकों की मुख्य मांगों की लिस्ट काफी लंबी है, जिसमें सबसे अहम उनकी सेवा का नियमितीकरण और राज्य कर्मचारी का दर्जा पाना है। वे चाहते हैं कि उन्हें कम से कम 24,000 रुपये प्रति माह मानदेय मिले और पिछला बकाया भुगतान जल्द हो। इसके अलावा, वे मानव संसाधन नीति लागू करने, ईपीएफ, स्वास्थ्य बीमा और चिकित्सा अवकाश जैसी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं।

प्रमुख मांगें विवरण
मानदेय और दर्जा न्यूनतम 24,000 रुपये वेतन और राज्य कर्मचारी का दर्जा
नियमितीकरण सेवा का नियमितीकरण और लंबित मानदेय का भुगतान
सुविधाएं EPF, स्वास्थ्य बीमा, आकस्मिक और चिकित्सा अवकाश
पद सृजन सहायक सचिव या ग्राम विकास सहायक के पद पर समायोजन
अन्य मांगें मृतक आश्रितों को नौकरी और बेहतर एंड्रॉइड मोबाइल व डेटा सुविधा
सरकारी घोषणा 4 अक्टूबर 2021 को मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं को लागू करना

इस विरोध प्रदर्शन के पीछे एक बड़ा कारण केंद्र सरकार की नई ग्रामीण रोजगार योजना VB-GRAMG भी है, जो 1 जुलाई से लागू हो रही है। सांसद कुमारी सैलजा ने इस योजना को लेकर चिंता जताई है कि इससे राज्यों पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है और मजदूरों के अधिकार कम हो सकते हैं। वहीं दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में ‘विकसित ग्राम-विकसित भारत’ के रोडमैप पर चर्चा की है। ऐसे माहौल में ग्राम रोजगार सेवक अपनी भूमिका को प्रभावी बनाने और अधिकारों की रक्षा के लिए लखनऊ कूच करेंगे।