UP: उत्तर प्रदेश के जसराना ब्लॉक में ग्राम प्रधानों ने अपनी मांगों को लेकर हुंकार भरी है। प्रधानों ने विकास खंड मुख्यालय पर बैठक कर साफ कहा कि अगर उनका कार्यकाल नहीं बढ़ाया गया, तो वे लखनऊ जाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। प्र
UP: उत्तर प्रदेश के जसराना ब्लॉक में ग्राम प्रधानों ने अपनी मांगों को लेकर हुंकार भरी है। प्रधानों ने विकास खंड मुख्यालय पर बैठक कर साफ कहा कि अगर उनका कार्यकाल नहीं बढ़ाया गया, तो वे लखनऊ जाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। प्रधानों का मानना है कि मौजूदा हालात को देखते हुए समय पर पंचायत चुनाव कराना मुमकिन नहीं लग रहा है।
पंचायत चुनाव में देरी क्यों हो सकती है?
पंचायत चुनाव समय पर न होने के पीछे कई बड़े कारण हैं। मई और जून 2026 में जनगणना का पहला चरण होना है, जिसमें करीब 5 लाख कर्मचारी तैनात रहेंगे। इसके अलावा ओबीसी आरक्षण के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन होना बाकी है, जिसकी रिपोर्ट आने में समय लगेगा। साथ ही, मतदाता सूची में करीब 3 करोड़ संदिग्ध नाम मिले हैं जिनकी जांच 28 मई तक चलेगी और इलाहाबाद हाई कोर्ट में भी मामला लंबित है।
कार्यकाल खत्म होने की तारीख और सरकार का विकल्प
प्रदेश में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। जिला पंचायत अध्यक्षों का समय 11 जुलाई और क्षेत्र पंचायत प्रमुखों का 19 जुलाई 2026 तक है। चर्चा है कि सरकार चुनावों में देरी होने पर प्रशासकों की नियुक्ति कर सकती है। कुछ संभावनाओं के मुताबिक, राजस्थान और मध्य प्रदेश की तरह मौजूदा प्रधानों को ही इन समितियों का अध्यक्ष बनाया जा सकता है ताकि विकास कार्य न रुकें।
20 मई को लखनऊ में बड़ा जुटान
अखिल भारतीय प्रधान संगठन ने 20 मई 2026 को लखनऊ के रमाबाई अंबेडकर मैदान में एक बड़े सम्मेलन का आयोजन किया है। इस प्रदर्शन के जरिए प्रधान समय पर चुनाव कराने या प्रशासक के रूप में कार्यकाल बढ़ाने और पंचायतों को ज्यादा वित्तीय अधिकार देने की मांग करेंगे। मुजफ्फरनगर समेत कई ब्लॉकों से प्रधान इसमें शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं, हालांकि कुछ जिला अध्यक्षों को रोकने के लिए नजरबंद भी किया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यूपी में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल कब खत्म हो रहा है?
उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है, जबकि जिला पंचायत अध्यक्षों का 11 जुलाई और क्षेत्र पंचायत प्रमुखों का 19 जुलाई 2026 को खत्म होगा।
प्रधानों के प्रदर्शन की मुख्य मांगें क्या हैं?
प्रधानों की मुख्य मांग समय पर पंचायत चुनाव कराना या फिर उनके कार्यकाल को प्रशासक के रूप में बढ़ाना है, साथ ही वे पंचायतों के लिए अधिक वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं।