UP : उत्तर प्रदेश के ग्राम प्रधानों ने अपना कार्यकाल बढ़ाने के लिए बड़ी रणनीति तैयार की है। इस मांग को लेकर 20 मई 2026 को लखनऊ के रमाबाई अंबेडकर पार्क में एक विशाल धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इस प्रदर्शन में मुजफ्फरनगर के
UP : उत्तर प्रदेश के ग्राम प्रधानों ने अपना कार्यकाल बढ़ाने के लिए बड़ी रणनीति तैयार की है। इस मांग को लेकर 20 मई 2026 को लखनऊ के रमाबाई अंबेडकर पार्क में एक विशाल धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इस प्रदर्शन में मुजफ्फरनगर के पुरकजी विकास खंड और संत कबीर नगर के सेमरियावां ब्लॉक समेत कई इलाकों से करीब 58,000 प्रधानों के जुटने की संभावना है।
प्रधानों की मांग और प्रदर्शन की वजह क्या है?
ग्राम पंचायतों का पांच साल का कार्यकाल 26 मई 2026 को खत्म हो रहा है। वहीं जिला और क्षेत्र पंचायतों का कार्यकाल जुलाई के मध्य तक समाप्त होगा। अखिल भारतीय प्रधान संगठन के शिव प्रकाश मिश्रा ‘सेनानी’ और जितेंद्र चौधरी ने इस धरने की घोषणा की है। प्रधानों का कहना है कि उत्तराखंड, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में कोरोना काल के दौरान कार्यकाल बढ़ाया गया था, इसलिए यूपी में भी ऐसा होना चाहिए। उन्हें डर है कि प्रशासक आने से गांव के विकास कार्य रुकेंगे और पैसों की गड़बड़ी हो सकती है।
सरकार का इस पर क्या कहना है?
राज्य पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने साफ कर दिया है कि ग्राम प्रधानों, ब्लॉक प्रमुखों और जिला पंचायत सदस्यों का कार्यकाल जुलाई 2026 के बाद नहीं बढ़ाया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जुलाई 2026 से पहले पंचायत चुनाव कराए जाएंगे। राज्य चुनाव आयोग (SEC) ने मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तारीख 10 जून 2026 तय की है। सरकार इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए समय पर चुनाव कराने की तैयारी में है और ओबीसी कोटा 2011 की जनगणना के आधार पर तय किया जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यूपी में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल कब खत्म हो रहा है?
ग्राम पंचायतों का पांच साल का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है, जबकि जिला और क्षेत्र पंचायतों का कार्यकाल जुलाई 2026 के मध्य तक खत्म होगा।
क्या सरकार प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाएगी?
पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर के अनुसार, कार्यकाल नहीं बढ़ाया जाएगा और जुलाई 2026 से पहले पंचायत चुनाव कराए जाएंगे।