UP: उत्तर प्रदेश के बलिया, फतेहपुर और हाथरस में ग्राम प्रधानों के कार्यकाल विस्तार की मांग को लेकर माहौल गरमा गया है। लखनऊ में प्रस्तावित प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस ने कई जिलों में प्रधान संघ के पदाधिकारियों को हाउस
UP: उत्तर प्रदेश के बलिया, फतेहपुर और हाथरस में ग्राम प्रधानों के कार्यकाल विस्तार की मांग को लेकर माहौल गरमा गया है। लखनऊ में प्रस्तावित प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस ने कई जिलों में प्रधान संघ के पदाधिकारियों को हाउस अरेस्ट कर लिया है। प्रधानों का कहना है कि उनका कार्यकाल 26 मई को खत्म हो रहा है और समय पर चुनाव होना मुश्किल है।
बलिया और अन्य जिलों में पुलिस की क्या कार्रवाई हुई
बलिया के बांसडीह इलाके में प्रशासन ने बड़सरी गांव के प्रधान संघ जिलाध्यक्ष बृजानंद उर्फ मंहगू तिवारी और पिण्डहरा गांव के प्रधान नीतीश पांडेय रंजन को हाउस अरेस्ट किया। इसी तरह फतेहपुर में जिलाध्यक्ष नदीम उद्दीन पप्पू एडवोकेट और हाथरस के सादाबाद में जिलाध्यक्ष राजकुमार प्रधान समेत कई लोगों को नजरबंद किया गया। पुलिस ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है।
ग्राम प्रधानों की मुख्य मांगें क्या हैं
ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। उनकी मांग है कि कार्यकाल बढ़ाया जाए या फिर प्रशासकों की नियुक्ति के बजाय निर्वाचित प्रतिनिधियों को ही जिम्मेदारी दी जाए। उनका तर्क है कि अगर प्रशासक नियुक्त हुए तो ग्रामीण विकास कार्य रुक सकते हैं और वित्तीय अनियमितताएं बढ़ सकती हैं। वे प्रशासनिक समिति गठित करने की भी मांग कर रहे हैं।
सरकार और अधिकारियों का इस पर क्या कहना है
पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित सिंह ने साफ किया है कि कार्यकाल बढ़ाने का कोई प्रावधान नहीं है और चुनाव न होने पर शासन स्तर से प्रशासकों की नियुक्ति होगी। हालांकि, उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने 18 मई को प्रदर्शन कर रहे प्रधानों से मुलाकात कर आश्वासन दिया कि सरकार उनके हितों का ध्यान रखेगी। वहीं पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा था कि पंचायत चुनाव 12 जुलाई तक हो जाएंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ग्राम प्रधानों का कार्यकाल कब समाप्त हो रहा है?
उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है, जिसके बाद वे कार्यकाल विस्तार की मांग कर रहे हैं।
कार्यकाल खत्म होने के बाद गांव का कामकाज कौन संभालेगा?
पंचायती राज विभाग के अनुसार, कार्यकाल समाप्त होने के बाद शासन स्तर से प्रशासकों की नियुक्ति की जाएगी या प्रशासनिक समिति का गठन किया जाएगा।