UP : उत्तर प्रदेश के ग्राम प्रधानों ने अपना कार्यकाल बढ़ाने की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रधानों का कहना है कि पंचायत चुनाव में देरी हो सकती है, इसलिए उन्हें प्रशासक बनाया जाए या कार्यकाल बढ़ाया जा
UP : उत्तर प्रदेश के ग्राम प्रधानों ने अपना कार्यकाल बढ़ाने की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रधानों का कहना है कि पंचायत चुनाव में देरी हो सकती है, इसलिए उन्हें प्रशासक बनाया जाए या कार्यकाल बढ़ाया जाए। इस मांग को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजा है और 20 मई को लखनऊ के रमाबाई मैदान में बड़े प्रदर्शन की तैयारी की है।
ग्राम प्रधानों की मांग और विरोध प्रदर्शन का कारण क्या है?
ग्राम प्रधानों का मौजूदा कार्यकाल 26 मई 2026 को खत्म हो रहा है। अखिल भारतीय ग्राम प्रधान संघ का मानना है कि समय पर चुनाव होना मुश्किल है, इसलिए वे मध्य प्रदेश की तर्ज पर कार्यकाल विस्तार या प्रशासक के रूप में काम करने की मांग कर रहे हैं। इससे पहले 18 मई को लखनऊ के हजरतगंज में गांधी प्रतिमा पर भी प्रदर्शन किया गया था, जहां उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने उनसे मुलाकात कर समय पर चुनाव कराने का आश्वासन दिया था।
चुनावों में देरी की क्या वजह है और सरकार का क्या कहना है?
पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने पहले कहा था कि चुनाव जुलाई 2026 से पहले होंगे और कार्यकाल नहीं बढ़ाया जाएगा। लेकिन राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) ने वोटर लिस्ट जारी करने की तारीख बढ़ाकर 10 जून 2026 कर दी है, जिससे देरी के संकेत मिल रहे हैं। साथ ही, सरकार ओबीसी आरक्षण के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग बना रही है, जिसकी रिपोर्ट आने में दो महीने लग सकते हैं। फिलहाल यह मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी है, जिसने आयोग से 26 मई तक चुनाव कराने की संभावना पर जवाब मांगा है।
अब तक क्या-क्या कदम उठाए गए हैं?
प्रधानों ने अपनी मांगों को लेकर कई स्तरों पर प्रयास किए हैं। अखिल भारतीय ग्राम प्रधान संघ ने 20 अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। इसके बाद 6 मई को पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर को ज्ञापन सौंपा गया। अब 20 मई को होने वाला लखनऊ प्रदर्शन उनकी रणनीति का अगला बड़ा हिस्सा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
UP में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल कब खत्म हो रहा है?
उत्तर प्रदेश के ग्राम प्रधानों का मौजूदा कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है।
ग्राम प्रधानों की मुख्य मांग क्या है?
ग्राम प्रधानों की मांग है कि या तो उनका कार्यकाल बढ़ाया जाए या फिर चुनाव होने तक उन्हें प्रशासक के रूप में नियुक्त किया जाए।