UP : उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर माहौल गरमा गया है। लखनऊ में प्रस्तावित बड़े धरना-प्रदर्शन से ठीक पहले मोतिगरपुर पुलिस ने प्रधान संघ के अध्यक्ष सुशील कुमार गोस्वामी को उनके घर पर ही हाउस अरेस्ट कर लिया। इस कार्
UP : उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर माहौल गरमा गया है। लखनऊ में प्रस्तावित बड़े धरना-प्रदर्शन से ठीक पहले मोतिगरपुर पुलिस ने प्रधान संघ के अध्यक्ष सुशील कुमार गोस्वामी को उनके घर पर ही हाउस अरेस्ट कर लिया। इस कार्रवाई के बाद ग्राम प्रधानों में काफी गुस्सा देखा जा रहा है। यह कदम उस समय उठाया गया जब प्रदेशभर के प्रधान अपनी मांगों को लेकर राजधानी कूच करने की तैयारी में थे।
प्रधानों को क्यों किया गया हाउस अरेस्ट?
उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायतों का संवैधानिक कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। प्रधान संघ की मांग है कि समय पर चुनाव कराए जाएं। 20 मई को लखनऊ में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन होना था, जिसे रोकने के लिए प्रशासन ने एहतियाती कार्रवाई की। सुशील कुमार गोस्वामी के अलावा बलिया, फतेहपुर, महराजगंज और कुशीनगर जैसे जिलों में भी कई जिला और ब्लॉक अध्यक्षों को मंगलवार रात और बुधवार सुबह हाउस अरेस्ट किया गया ताकि वे प्रदर्शन में शामिल न हो सकें।
क्या हैं ग्राम प्रधानों की मुख्य मांगें?
प्रधान संघ का कहना है कि चुनाव समय पर हों ताकि लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन न हो। उनकी मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- संविधान के अनुसार पंचायत चुनाव समय पर कराए जाएं।
- अगर चुनाव में देरी होती है, तो मध्य प्रदेश और राजस्थान की तरह निर्वाचित प्रधानों को ही ‘कार्यवाहक प्रशासक’ बनाया जाए।
- सरकारी अधिकारियों (ADOs) को प्रशासक नियुक्त करने का विरोध।
- चुनाव होने तक प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाया जाए।
सरकार और प्रशासन का क्या कहना है?
इस मामले में उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने पहले प्रधानों से मुलाकात की थी। उन्होंने आश्वासन दिया था कि योगी सरकार किसी के साथ अन्याय नहीं होने देगी और पंचायत चुनाव समय पर कराने की पूरी तैयारी की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए यह हाउस अरेस्ट की कार्रवाई की गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ग्राम प्रधानों का कार्यकाल कब समाप्त हो रहा है?
उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायतों का संवैधानिक कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है, जिसे लेकर प्रधान समय पर चुनाव की मांग कर रहे हैं।
किन-किन जिलों के प्रधान नेताओं को रोका गया?
मोतिगरपुर के साथ-साथ बलिया, फतेहपुर, महराजगंज और कुशीनगर जिलों में प्रधान संघ के जिला और ब्लॉक अध्यक्षों को हाउस अरेस्ट किया गया है।