UP : उत्तर प्रदेश के ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई 2026 को खत्म हो रहा है, लेकिन चुनाव की तारीखें न आने से उनमें बेचैनी है। इसी मांग को लेकर अखिल भारतीय प्रधान संगठन ने लखनऊ के इको गार्डन और जीपीओ पार्क में बड़ा प्रदर
UP : उत्तर प्रदेश के ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई 2026 को खत्म हो रहा है, लेकिन चुनाव की तारीखें न आने से उनमें बेचैनी है। इसी मांग को लेकर अखिल भारतीय प्रधान संगठन ने लखनऊ के इको गार्डन और जीपीओ पार्क में बड़ा प्रदर्शन किया। प्रधानों का कहना है कि अगर समय पर चुनाव नहीं हुए तो गांवों के विकास कार्य रुक जाएंगे और आम जनता को परेशानी होगी।
प्रधानों की मुख्य मांगें क्या हैं?
प्रदर्शन कर रहे ग्राम प्रधानों और जिला पंचायत सदस्यों की दो बड़ी मांगें हैं। पहली यह कि समय पर पंचायत चुनाव कराए जाएं ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया बनी रहे। दूसरी मांग यह है कि अगर चुनाव में देरी होती है, तो वर्तमान प्रधानों को ही चुनाव होने तक प्रशासक के रूप में नियुक्त किया जाए। उनका तर्क है कि मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड जैसे राज्यों में भी ऐसा ही किया गया था।
चुनाव में देरी क्यों हो रही है?
खबर है कि सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण तय करने के लिए एक पिछड़ा वर्ग आयोग बनाया है। इस आयोग को अपनी रिपोर्ट देने के लिए छह महीने का समय मिला है, जिसकी वजह से नवंबर 2026 से पहले चुनाव होना मुश्किल लग रहा है। चर्चा यह भी है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के भीतर गुटबाजी न हो, इसलिए चुनाव में देरी की जा रही है। सरकार ने कार्यकाल बढ़ाने या प्रशासक नियुक्त करने के दो प्रस्ताव भी भेजे हैं।
सरकार और प्रशासन का क्या कहना है?
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने प्रदर्शन कर रहे प्रधानों से मुलाकात की और भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी। उन्होंने कहा कि किसी के साथ अन्याय नहीं होगा और ग्रामीण विकास सुनिश्चित किया जाएगा। वहीं, कुछ जिलों में आंदोलन को रोकने के लिए प्रधान संगठन के नेताओं को नजरबंद भी किया गया, जबकि कई जगहों पर अधिकारियों ने ज्ञापन लेकर उन्हें शांत कराया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल कब समाप्त हो रहा है?
उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधानों का वर्तमान कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है, जिसके बाद नए चुनावों की आवश्यकता है।
पंचायत चुनाव में देरी का मुख्य कारण क्या बताया जा रहा है?
मुख्य कारण OBC आरक्षण के निर्धारण के लिए गठित पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट का इंतजार है, जिसे पूरा होने में समय लग सकता है।