UP में अवैध कोचिंग सेंटरों पर योगी सरकार का बड़ा एक्शन, लखनऊ अग्निकांड के बाद प्रदेश भर में जांच के आदेश
UP: लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद योगी सरकार अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। सरकार ने प्रदेश के सभी जिलों में अवैध रूप से चल रहे कोचिंग सेंटरों की जांच करने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। इस
UP: लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद योगी सरकार अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। सरकार ने प्रदेश के सभी जिलों में अवैध रूप से चल रहे कोचिंग सेंटरों की जांच करने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। इस हादसे में 15 लोगों की जान गई थी, जिसके बाद अब छात्रों की सुरक्षा को लेकर राज्यव्यापी अभियान शुरू किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद घटना स्थल का दौरा किया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के लिए एक SIT का गठन किया है। लखनऊ अग्निकांड के मामले में इमारत के मालिक वीरेंद्र शुक्ला, कोचिंग संचालक सुशांत कृष्णा जायसवाल और पेट शॉप के मालिक रामकृष्ण उपाध्याय को गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच में सामने आया कि जिस इमारत में हादसा हुआ, उसे 2014 में सिर्फ रहने के लिए मंजूरी मिली थी, लेकिन वहां व्यावसायिक काम चल रहा था। LDA ने 2016 में इसे गिराने का नोटिस भी दिया था, जिसे बाद में रद्द कर दिया गया था।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने साफ कहा है कि छात्रों की सुरक्षा और पढ़ाई की क्वालिटी से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने जिलों में चल रहे सभी कोचिंग संस्थानों का सर्वे करें और उनकी लिस्ट तैयार करें। विशेष सचिव उच्च शिक्षा निधि श्रीवास्तव ने भी सभी DM को बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे सेंटरों की पहचान कर उन पर कार्रवाई करने के लिए पत्र भेजा है। अब केवल रजिस्ट्रेशन ही नहीं, बल्कि फायर एनओसी और बिल्डिंग सेफ्टी का भी कड़ा ऑडिट होगा।
इस अभियान का असर कानपुर में भी दिख रहा है। वहां के पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने बताया कि करीब 40 ऐसे संस्थान मिले हैं जहां आग से बचाव का कोई इंतजाम नहीं था। कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने अब तक 16 कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया है और 22 अन्य की पहचान की है। खासकर बेसमेंट में चल रहे सेंटरों पर सख्ती बरती जा रही है। उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन अधिनियम 2002 के तहत अब उन सभी संस्थानों पर गाज गिरेगी जो नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।