UP में खान सर की कोचिंग समेत 100 से ज्यादा संस्थान सील, लखनऊ अग्निकांड के बाद योगी सरकार का बड़ा एक्शन

Uttar Pradesh: लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद योगी सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूरे प्रदेश में कोचिंग संस्थानों की जांच का बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा

Uttar Pradesh: लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद योगी सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूरे प्रदेश में कोचिंग संस्थानों की जांच का बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले 100 से ज्यादा कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया गया है, जिनमें मशहूर खान सर की कोचिंग भी शामिल है।

यह पूरा मामला 22 जून 2026 को लखनऊ में लगी भीषण आग के बाद शुरू हुआ। सरकार ने साफ कर दिया है कि छात्रों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अब उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन अधिनियम 2002 और नेशनल बिल्डिंग कोड-2016 के मानकों के आधार पर जांच हो रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त आदेश दिए हैं कि किसी भी बेसमेंट में कोचिंग सेंटर, नर्सिंग होम या कोई भी कमर्शियल काम नहीं चलेगा। जिन संस्थानों के पास मंजूर नक्शा या रजिस्ट्रेशन नहीं है, उन पर गाज गिर रही है।

प्रयागराज में खान ग्लोबल क्लासेज, खान आईएएस कोचिंग और पितृ छाया कोचिंग को सील किया गया क्योंकि इनके पास बिल्डिंग का कमर्शियल नक्शा नहीं था। वहीं कानपुर के काकादेव इलाके में फिजिक्स वाला समेत 30 से ज्यादा कोचिंग संस्थान सील हुए हैं। कानपुर विकास प्राधिकरण ने कुल 48 इमारतों पर ताला लगाया है। इसके अलावा एलन कोचिंग, सुपर क्लाइमेक्स और एग्जाम पुर जैसे बड़े नाम भी इस कार्रवाई की चपेट में आए हैं। मुजफ्फरनगर में 10, सहारनपुर में 6 और उन्नाव में 3 सेंटर सील किए गए हैं, जबकि गाजियाबाद में 206 ऐसी जगहें मिली हैं जहां आग से बचाव के इंतजाम सही नहीं थे।

शहर/जिला कार्रवाई का विवरण
प्रयागराज खान सर की कोचिंग समेत कई संस्थान सील, NOC की कमी
कानपुर फिजिक्स वाला समेत 30+ कोचिंग और 48 इमारतें सील
गाजियाबाद 206 असुरक्षित इमारतों की पहचान, 56 पर एक्शन शुरू
मुजफ्फरनगर 10 कोचिंग संस्थान सील
सहारनपुर 6 कोचिंग संस्थान सील
उन्नाव 3 कोचिंग संस्थान सील

लखनऊ अग्निकांड की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने SIT बना दी है। इस मामले में चार अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है और बिल्डिंग मालिक समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में यह भी पता चला कि जिस बिल्डिंग में हादसा हुआ, वहां छह महीने पहले भी आग लगी थी, लेकिन चेतावनी के बाद भी कोई सुधार नहीं किया गया। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और विशेष सचिव निधि श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि छात्रों को सुरक्षित माहौल मिल सके।