UP की GDP में जबरदस्त उछाल, 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने में लखनऊ निभाएगा बड़ी भूमिका
UP: उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है और राज्य सरकार इसे 1 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने की तैयारी में है। इस लक्ष्य को पाने में राजधानी लखनऊ का योगदान सबसे अहम रहने वाला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
UP: उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है और राज्य सरकार इसे 1 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने की तैयारी में है। इस लक्ष्य को पाने में राजधानी लखनऊ का योगदान सबसे अहम रहने वाला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और वित्त राज्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने भरोसा जताया है कि आने वाले कुछ सालों में यूपी आर्थिक मोर्चे पर एक नई ऊंचाई छुएगा।
राज्य की जीडीपी (GSDP) में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। आंकड़ों की बात करें तो 2017 तक यूपी की जीडीपी 12.36 लाख करोड़ रुपये थी, जिसके इस साल के अंत तक बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है। यानी पिछले नौ सालों में इसमें तीन गुना वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अगले तीन से चार साल में राज्य 1 ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य हासिल कर लेगा।
लखनऊ शहर को राज्य की आर्थिक तरक्की का इंजन माना जा रहा है। लखनऊ राज्य की जीडीपी में 4% का योगदान देता है और यह टॉप 5 जिलों में शामिल है। शहर को अब ‘AI सिटी’ के रूप में विकसित करने की योजना है, जिससे नई टेक्नोलॉजी और उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही यहां MSME और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर भी जोर दिया जा रहा है।
वित्त राज्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने लखनऊ में कई बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का ब्योरा दिया है, जो अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगी:
| परियोजना का नाम | स्थिति/लागत |
|---|---|
| कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे | 99.5% काम पूरा |
| रिंग रोड पैकेज-2 | 981 करोड़ रुपये का बजट तैयार |
| गोमती नगर न्यू टर्मिनल | 10,849 करोड़ रुपये (लोकार्पण) |
| T3 एयरपोर्ट टर्मिनल फेज-1 | विकास कार्य जारी |
| रिंग रोड प्रोजेक्ट | 2,728 करोड़ रुपये का काम पूरा |
| मुंशी पुलिया-खुर्रमनगर फ्लाईओवर | निर्माण कार्य शामिल |
आर्थिक आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में यूपी की GSDP 30.25 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो पिछले साल से 13.4% ज्यादा है। राज्य की प्रति व्यक्ति आय 1,26,304 रुपये रही है। वहीं, राज्य का अपना टैक्स रेवेन्यू 2016-17 के 0.86 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर अब 2.09 लाख करोड़ रुपये हो गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 तक GSDP के 39.8 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।