UP के किसानों को बड़ी राहत, MSP खरीद की तारीख बढ़ी और मिलेंगे 6 लाख से ज्यादा नए ग्रामीण आवास
Lucknow: उत्तर प्रदेश के किसानों और ग्रामीणों के लिए अच्छी खबर है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ एक बड़ी बैठक की। इस मुलाकात में खेती-किसानी को आधुनिक बनाने और ग्राम
Lucknow: उत्तर प्रदेश के किसानों और ग्रामीणों के लिए अच्छी खबर है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ एक बड़ी बैठक की। इस मुलाकात में खेती-किसानी को आधुनिक बनाने और ग्रामीण इलाकों के विकास के लिए कई अहम फैसले लिए गए, जिससे प्रदेश के लाखों लोगों को सीधा फायदा होगा।
बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा जलवायु परिवर्तन और बढ़ते तापमान पर हुई। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बदलते मौसम को देखते हुए अब खेती के लिए वैज्ञानिक तरीके अपनाना जरूरी है। उन्होंने एक ऐसा रोडमैप तैयार करने पर जोर दिया जिसमें बीज, सिंचाई, जल संरक्षण और मार्केटिंग जैसी सभी चीजों को विज्ञान से जोड़ा जाए, ताकि किसानों की कमाई बढ़ सके।
किसानों के लिए एक बड़ी राहत यह है कि रबी सीजन की फसलों जैसे चना, मसूर और सरसों की MSP खरीद की तारीख अब बढ़ा दी गई है। पहले यह 24 जून तक थी, जिसे अब बढ़ाकर 8 जुलाई 2026 कर दिया गया है। यह फैसला यूपी सरकार की मांग पर लिया गया है ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने में दिक्कत न हो।
ग्रामीण विकास की बात करें तो प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत यूपी के लिए 6,18,482 नए मकानों को मंजूरी मिली है। इसके साथ ही लखनऊ में एक क्लीन प्लांट सेंटर भी खोला जाएगा, जहाँ से किसानों को बिना बीमारी वाले अच्छी क्वालिटी के पौधे मिलेंगे, जिससे बागवानी करने वाले किसानों का मुनाफा बढ़ेगा।
| मुख्य योजना/घोषणा | विवरण/लक्ष्य |
|---|---|
| MSP खरीद अवधि | 24 जून से बढ़ाकर 8 जुलाई 2026 तक की गई |
| पीएम आवास योजना | 6,18,482 नए ग्रामीण आवासों को मंजूरी |
| क्लीन प्लांट सेंटर | लखनऊ में स्थापना, रोगमुक्त पौधों की उपलब्धता |
| विकसित कृषि @2047 | कृषि अर्थव्यवस्था को 96.96 ट्रिलियन रुपये तक ले जाने का लक्ष्य |
| कृषि विकास दर | 3.19 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.41 प्रतिशत करने का लक्ष्य |
बैठक में ‘विकसित कृषि @2047’ कार्ययोजना पर भी बात हुई। इसका मकसद 2047 तक यूपी की कृषि अर्थव्यवस्था को बहुत बड़ा बनाना है। इसके अलावा खरीफ सीजन 2026 की तैयारियों की भी समीक्षा की गई, जिसमें कम बारिश की संभावना को देखते हुए सूखा सहन करने वाले बीजों और धान की बुवाई के लिए DSR तकनीक के इस्तेमाल पर चर्चा हुई।